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श्रीगंगानगर में मौसम का पलटवार: ‘पश्चिमी विक्षोभ’ से बदला मिजाज, धूल भरी आंधी और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी

श्रीगंगानगर। मार्च के अंतिम सप्ताह में जहां भीषण गर्मी की शुरुआत होने वाली थी, वहीं प्रकृति ने अपना रुख बदल लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने श्रीगंगानगर सहित समूचे उत्तरी राजस्थान के लिए अगले 24 से 48 घंटों के लिए चेतावनी जारी की है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के हिमालयी क्षेत्रों से टकराने के कारण मैदानी इलाकों में हवा के कम दबाव का क्षेत्र बन गया है, जिसका सीधा असर श्रीगंगानगर की आबोहवा पर पड़ रहा है।


धूल भरी आंधी और गरज-चमक की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, आज शाम या देर रात तक जिले के अधिकांश हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूल भरी हवाएं चलने के आसार हैं। आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हो चुकी है, जिससे सूरज की तपिश में कमी आई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि गरज-चमक के साथ जिले के कुछ क्षेत्रों, विशेषकर पाकिस्तान से सटे इलाकों (हिंदूमलकोट, श्रीकरणपुर) में हल्की से मध्यम बूंदाबांदी हो सकती है।

इस बदलाव के कारण दिन के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे झुलसाने वाली गर्मी से तात्कालिक राहत तो मिलेगी, लेकिन हवा में नमी बढ़ने से उमस का अहसास भी हो सकता है।

किसानों के लिए ‘रेड अलर्ट’: कटी फसलों पर संकट

यह मौसम परिवर्तन आम लोगों के लिए सुहाना हो सकता है, लेकिन अन्नदाताओं के लिए यह चिंता की लकीरें लेकर आया है। श्रीगंगानगर जिले में रबी की फसलों, विशेषकर गेहूं और सरसों की कटाई और गहाई का काम जोरों पर है।

  • भीगने का डर: खेतों में कटी हुई फसल और मंडियों में खुले में पड़ा अनाज बारिश की भेंट चढ़ सकता है।

  • झड़ने का खतरा: तेज आंधी के कारण सरसों की फलियां झड़ने और गेहूं की खड़ी फसल के आड़े गिरने (Lodging) की संभावना है।

  • परामर्श: कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि यदि फसल कट चुकी है, तो उसे सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें या तिरपाल की व्यवस्था रखें। मंडियों में भी व्यापारियों को अनाज ढंकने के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया है।

आम जनजीवन और स्वास्थ्य पर असर

तेज धूल भरी आंधी के कारण दृश्यता (Visibility) कम होने की संभावना है, जिससे वाहन चालकों को राष्ट्रीय राजमार्गों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इसके अलावा:

  1. बिजली कटौती: आंधी के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से डिस्कॉम (विद्युत विभाग) द्वारा ग्रामीण इलाकों में बिजली काटी जा सकती है।

  2. स्वास्थ्य: धूल भरी हवाओं के कारण सांस के मरीजों और बच्चों को घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है।

  3. तापमान: वर्तमान में अधिकतम तापमान 36°C के आसपास बना हुआ है, जो बारिश के बाद गिरकर 32°C तक आ सकता है।

विशेषज्ञ की राय: मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, “यह विक्षोभ काफी प्रभावी है और इसका असर अगले दो दिनों तक बना रहेगा। 28 मार्च की सुबह तक आसमान साफ होने की उम्मीद है, लेकिन तब तक आकाशीय बिजली चमकने की घटनाओं से सावधान रहना होगा।”

सावधानी ही बचाव है

प्रशासन ने अपील की है कि आंधी के समय बिजली के खंभों, पुराने पेड़ों और होर्डिंग्स के नीचे खड़े न हों। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे छप्परों और टीन-शेड को मजबूती से बांधने के निर्देश दिए गए हैं।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️