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श्रीगंगानगर में मौसम का पलटवार: बारिश, ओलावृष्टि और कड़ाके की ठंड की चेतावनी

फरवरी का महीना जो आमतौर पर वसंत की गर्माहट लेकर आता है, इस बार श्रीगंगानगर वासियों के लिए ठिठुरन भरी सर्दी वापस ले आया है। आज सुबह से ही आसमान में काली घटाएं छाई रहीं और जिले के कई हिस्सों, विशेषकर सूरतगढ़, रायसिंहनगर और घड़साना में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई।

पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव और ‘येलो अलर्ट’

जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के रास्ते उत्तर-पश्चिम राजस्थान में प्रवेश कर चुका है। इसके प्रभाव से चक्रवाती हवाओं का घेरा (Cyclonic Circulation) बना है, जो नमी को सोख रहा है। इसी के चलते विभाग ने श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर और चूरू सहित प्रदेश के 13 जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।

अलर्ट की मुख्य बातें:

  • मेघगर्जन (Thunderstorm): बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना।

  • बूंदाबांदी: अगले 48 घंटों तक रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है।

  • शीत लहर: बारिश के बाद उत्तर की ओर से आने वाली बर्फीली हवाएं न्यूनतम तापमान में 3°C से 5°C तक की गिरावट ला सकती हैं।

कृषि पर प्रभाव: किसानों की चिंता और उम्मीद

श्रीगंगानगर एक कृषि प्रधान जिला है, जहाँ इस समय रबी की फसलें (गेहूं, सरसों और चना) खेतों में लहलहा रही हैं। मौसम का यह बदलाव किसानों के लिए “मिश्रित वरदान” साबित हो रहा है।

  1. गेहूं की फसल को लाभ: कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि हल्की बारिश और गिरता तापमान गेहूं की फसल के दाने पकने के लिए बहुत फायदेमंद है। इसे ‘अमृत वर्षा’ भी कहा जा रहा है।

  2. सरसों के लिए खतरा: यदि बारिश के साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) होती है, तो सरसों की पकी हुई फसल को भारी नुकसान हो सकता है। तेज हवाओं के कारण सरसों के पौधे खेतों में बिछ सकते हैं, जिससे पैदावार गिर सकती है।

जनजीवन और स्वास्थ्य पर असर

तापमान में अचानक आए इस उतार-चढ़ाव ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। सुबह के समय दृश्यता (Visibility) कम रहने के कारण हाईवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही।

  • स्वास्थ्य चेतावनी: डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस बदलते मौसम में छोटे बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। अचानक ठंड बढ़ने से सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार और सांस संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है।

  • बाजार की स्थिति: बारिश के कारण बाजारों में चहल-पहल कम रही, लेकिन गरम कपड़ों और चाय-पकौड़ों की दुकानों पर भीड़ देखी गई।

आगामी 48 घंटों का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार, यह विक्षोभ अभी सक्रिय है। अगले दो दिनों तक आसमान साफ होने की उम्मीद कम है। 19 फरवरी के बाद ही बादलों के छंटने और धूप निकलने के आसार हैं। हालांकि, बादल छंटते ही ‘रेडिएशन कूलिंग’ के कारण रात के तापमान में भारी गिरावट आएगी, जिससे पाले (Frost) की स्थिति भी बन सकती है।

प्रशासन की सलाह: जिला प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें और सिंचाई व कीटनाशक छिड़काव को फिलहाल रोक दें।


निष्कर्ष: श्रीगंगानगर में मौसम की यह करवट जहां प्रकृति को एक नई ताजगी दे रही है, वहीं कड़ाके की ठंड की वापसी का संकेत भी है। यदि आप घर से बाहर निकल रहे हैं, तो गरम कपड़े और छाता साथ रखना न भूलें।

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