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श्रीगंगानगर में ‘मावठ’ से नए साल का स्वागत: प्रकृति का उपहार और बढ़ती ठिठुरन श्रीगंगानगर, 1 जनवरी 2026

राजस्थान के उत्तरी छोर पर स्थित “अन्न के कटोरे” यानी श्रीगंगानगर में नए साल 2026 का आगाज बेहद खास और ठिठुरन भरा रहा। जहां लोग आतिशबाजी और पार्टियों के साथ साल का स्वागत कर रहे थे, वहीं प्रकृति ने तड़के सुबह हल्की बूंदाबांदी और बादलों की गर्जना के साथ अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस ‘मावठ’ (शीतकालीन वर्षा) का मुख्य कारण हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) है।

मौसम का बदला मिजाज

देर रात से ही आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हो गई थी, और सुबह होते-होते शहर के विभिन्न हिस्सों सहित सादुलशहर, सूरतगढ़ और पदमपुर जैसे ग्रामीण अंचलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस बारिश के साथ ही ठंडी बर्फीली हवाओं ने पूरे जिले को अपनी चपेट में ले लिया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज का अधिकतम तापमान गिरकर 16°C के आसपास रहने का अनुमान है, जो सामान्य से काफी कम है। वहीं न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) जैसी स्थिति बन गई है।

किसानों के चेहरों पर चमक

श्रीगंगानगर एक कृषि प्रधान जिला है, और यहाँ के किसानों के लिए नए साल की यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि जनवरी की शुरुआत में होने वाली यह ‘मावठ’ रबी की फसलों, विशेषकर गेहूं, सरसों और चने के लिए ‘अमृत’ के समान है।

  • गेहूं की फसल: इस समय गेहूं की फसल को नमी और ठंडक की सख्त जरूरत होती है। यह बारिश जड़ों को मजबूती देगी और पैदावार में वृद्धि करेगी।

  • सिंचाई की बचत: इस प्राकृतिक सिंचाई से किसानों का डीजल और बिजली का खर्च बचेगा, जो उनकी लागत को कम करने में मददगार साबित होगा।

जनजीवन पर प्रभाव और चुनौतियां

हालाँकि यह बारिश फसलों के लिए अच्छी है, लेकिन आम जनजीवन के लिए इसने कुछ चुनौतियां भी पेश की हैं।

  1. कड़ाके की ठंड: नमी के कारण हवा में गलन बढ़ गई है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं।

  2. कोहरा और विजिबिलिटी: बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से घना कोहरा छाने की संभावना बढ़ गई है, जिससे यातायात बाधित हो सकता है।

  3. त्योहार के उत्साह में खलल: नए साल पर पिकनिक और बाहर घूमने की योजना बनाने वाले युवाओं को बारिश के कारण घर के अंदर ही रहना पड़ा।

प्रशासन की तैयारी

बढ़ती ठंड और बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने रैन बसेरों में पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं ताकि बेघर लोगों को इस हाड़ कंपाने वाली ठंड से बचाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को सलाह दी है कि इस बदलते मौसम में मौसमी बीमारियों (सर्दी, जुकाम, बुखार) से बचने के लिए गर्म कपड़ों का उपयोग करें और खान-पान का विशेष ध्यान रखें।


निष्कर्ष

कुल मिलाकर, श्रीगंगानगर में 2026 की शुरुआत मिश्रित रही है। जहाँ एक ओर कड़ाके की ठंड ने जनजीवन की रफ्तार धीमी कर दी है, वहीं दूसरी ओर प्रकृति ने मावठ के रूप में जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़—खेती—को एक नया जीवनदान दिया है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️