🢀
श्रीगंगानगर में महाशिवरात्रि की अभूतपूर्व धूम: शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, ‘ए नाइट विद द डिवाइन’ की लाइव स्क्रीनिंग ने मोहा मन

सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में आज महाशिवरात्रि का पर्व पूरी श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। फाल्गुन मास की चतुर्दशी के अवसर पर पूरा शहर ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गुंजायमान है। सुबह तड़के से ही मंदिरों के बाहर भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, जो भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करने के लिए आतुर हैं।

शिवालयों में विशेष सजावट और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

शहर के प्रमुख मंदिरों, जैसे गौरी शंकर मंदिर, शिवपुरी धाम और प्राचीन सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में आज विशेष रौनक है। इन मंदिरों को फूलों, रंगीन लाइटों और विशेष झांकियों से भव्य रूप दिया गया है। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर कमेटियों और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। शहर के मुख्य चौराहों से लेकर मंदिर परिसरों तक भारी पुलिस बल तैनात है और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन में कोई असुविधा न हो।

‘महाशिवरात्रि 2026: ए नाइट विद द डिवाइन’ की लाइव स्क्रीनिंग

इस वर्ष श्रीगंगानगर के महाशिवरात्रि उत्सव में आधुनिकता और अध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। शहर के कई सार्वजनिक पार्कों और सामुदायिक केंद्रों पर ईशा फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘महाशिवरात्रि 2026: ए नाइट विद द डिवाइन’ की लाइव स्क्रीनिंग की जा रही है। बड़ी एलईडी स्क्रीन्स पर सद्गुरु के सानिध्य में होने वाले योगिक अनुष्ठानों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विशेष ध्यान सत्रों को देखने के लिए युवा वर्ग में काफी उत्साह देखा गया। इस आयोजन का उद्देश्य शहर के लोगों को घर के पास ही वैश्विक स्तर के आध्यात्मिक अनुभव से जोड़ना है।

जलाभिषेक और महाआरती का दौर

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन महादेव का जलाभिषेक करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के साथ श्रद्धालु पंचामृत, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा और आक के फूल चढ़ाकर भोलेनाथ को प्रसन्न कर रहे हैं। कई स्थानों पर विशाल भंडारों का आयोजन किया गया है, जहाँ ‘शिव प्रसाद’ (भांग और ठंडाई) और फलाहार वितरित किया जा रहा है। शाम के समय शिवालयों में विशेष महाआरती का आयोजन होगा, जिसमें हजारों दीयों की रोशनी से मंदिर जगमगा उठेंगे।

सांस्कृतिक शोभायात्रा और झांकियाँ

दोपहर के समय शहर के विभिन्न मार्गों से भगवान शिव की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में सजीव झांकियाँ आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं, जिनमें शिव-पार्वती विवाह, अर्धनारीश्वर स्वरूप और समुद्र मंथन के दृश्यों को बखूबी दर्शाया गया। ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे की थाप पर थिरकते श्रद्धालु भक्ति के रंग में सराबोर नजर आए।

बाजारों में रौनक और व्यापारिक उत्साह

महाशिवरात्रि के चलते शहर के बाजारों में भी खासी रौनक है। विशेषकर फल, फूल और पूजन सामग्री की दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ लगी रही। मिठाई की दुकानों पर फलाहारी व्यंजनों की भारी मांग रही। व्यापारियों का कहना है कि इस साल महाशिवरात्रि रविवार को होने के कारण व्यापार में पिछले साल की तुलना में 20-30% की वृद्धि देखी गई है।

सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल

श्रीगंगानगर हमेशा से ही अपनी गंगा-जमुनी तहजीब के लिए जाना जाता है। आज के इस पावन पर्व पर शहर के विभिन्न संगठनों और अन्य समुदायों के लोगों ने भी जगह-जगह पानी और शरबत की छबीलें लगाकर सेवा भावना का परिचय दिया।


निष्कर्ष: श्रीगंगानगर में महाशिवरात्रि का यह उत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक बन गया है। जहाँ एक ओर मंदिरों में पारंपरिक पूजा-पाठ हो रहा है, वहीं दूसरी ओर लाइव स्क्रीनिंग जैसे आयोजनों ने नई पीढ़ी को भी सनातन संस्कृति से गहराई से जोड़ा है। आज की यह रात ‘शिव और शक्ति’ के मिलन की रात है, जिसमें पूरा शहर भक्तिमय होकर डूबा हुआ है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️