
श्रीगंगानगर। राजस्थान का ‘अन्न कटोरा’ कहा जाने वाला श्रीगंगानगर जिला एक बार फिर अपनी भीषण गर्मी के लिए सुर्खियों में है। 22 अप्रैल को सूरज की तपिश ने सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए जिले के निवासियों को झुलसा कर रख दिया है। आज जिले का अधिकतम तापमान 40°C के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया, जिसने इस सीजन की सबसे गर्म दोपहर का एहसास कराया।
तपती सड़कें और पसरा सन्नाटा
सुबह 10 बजे के बाद से ही सूरज के तेवर तीखे होने शुरू हो गए थे। दोपहर होते-होते स्थिति यह हो गई कि मुख्य बाजारों—जैसे गोल बाजार, सुखाड़िया सर्कल और पब्लिक पार्क क्षेत्र—में कर्फ्यू जैसा नजारा दिखने लगा। लू के थपेड़ों (Heat Wave) के डर से लोगों ने घरों और दफ्तरों में ही रहना मुनासिब समझा। सड़कों पर केवल वही लोग नजर आए जिन्हें अत्यंत आवश्यक कार्य था, और वे भी पूरी तरह से सूती कपड़ों और दुपट्टों से खुद को ढककर चलते दिखाई दिए।
मौसम विभाग की चेतावनी: अभी और बढ़ेगी तपिश
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय न होने और शुष्क हवाओं के चलने के कारण तापमान में यह उछाल आया है। आगामी 48 से 72 घंटों के लिए विभाग ने ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। अनुमान है कि आने वाले दिनों में गर्म हवाएं (Heat Wave) और तेज होंगी, जिससे पारा 42°C से 44°C तक जा सकता है। रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे अब रातें भी बेचैन करने वाली होने लगी हैं।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की एडवायजरी
भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने आमजन के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की है:
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दोपहर 12 से 4 बजे तक बचें: प्रशासन ने सलाह दी है कि इस समयावधि में धूप में बाहर न निकलें।
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हाइड्रेशन है जरूरी: डॉक्टरों ने लोगों को अधिक से अधिक पानी, नींबू पानी, ओआरएस (ORS), और मौसमी फलों के सेवन की सलाह दी है।
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पशु-पक्षियों का रखें ख्याल: सामाजिक संस्थाओं ने अपील की है कि लोग अपनी छतों और बालकनी में परिंडे लगाएं ताकि बेजुबान पक्षियों को पीने का पानी मिल सके।
खेती और व्यापार पर प्रभाव
जहाँ एक ओर रबी की फसल (गेहूं) की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है, वहीं अचानक बढ़ी इस गर्मी ने मंडी में काम कर रहे मजदूरों और पल्लेदारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भीषण गर्मी के कारण मंडियों में काम के घंटे बदले जा रहे हैं। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक मार्केट में अचानक एसी (AC) और कूलरों की मांग में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है, लेकिन दूसरी तरफ अन्य व्यापारिक गतिविधियों में दोपहर के समय गिरावट दर्ज की गई है।
लू से बचाव के उपाय (Quick Tips):
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बाहर निकलते समय हमेशा सिर को कपड़े या टोपी से ढकें।
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खाली पेट धूप में न निकलें।
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हल्के रंग के और ढीले सूती कपड़े पहनें।
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यदि चक्कर आए या तेज सिरदर्द हो, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।
श्रीगंगानगर का इतिहास रहा है कि यहाँ पारा 50 डिग्री तक भी पहुँच जाता है, ऐसे में अप्रैल के महीने में ही 40 डिग्री का पार होना एक कठिन गर्मी के मौसम की ओर इशारा कर रहा है। प्रशासन ने सभी सरकारी अस्पतालों को लू (Heat Stroke) के मरीजों के लिए अलग से वार्ड आरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
सावधान रहें, सुरक्षित रहें।