🢀
श्रीगंगानगर में बाइक चोर गिरोह का सनसनीखेज पर्दाफाश: पुलिस के हत्थे चढ़े दो शातिर चोर, 3 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद, मास्टरमाइंड की तलाश तेज

श्रीगंगानगर।

राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ रही दुपहिया वाहन चोरी की वारदातों पर लगाम लगाते हुए जिला पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। शहर के व्यस्तम बाजारों, अस्पतालों और रिहाइशी इलाकों से रोजाना गायब हो रही मोटरसाइकिलों के मामले में पुलिस की विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए एक सक्रिय बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनकी निशानदेही पर चोरी की गई 3 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।

शहर में बढ़ रही चोरी की वारदातों से मचा था हड़कंप

बीते कुछ दिनों से श्रीगंगानगर शहर के मुख्य इलाकों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सरकारी अस्पताल परिसर और कोतवाली थाना क्षेत्र के बाजारों से अचानक दुपहिया वाहन चोरी होने की घटनाएं तेजी से बढ़ी थीं। एक के बाद एक लगातार हो रही इन वारदातों से आम नागरिकों और व्यापारियों के बीच काफी खौफ और असंतोष व्याप्त था।

वाहन स्वामियों द्वारा दी गई शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर विशेष टीमों का गठन किया गया था। पुलिस को आशंका थी कि शहर में कोई संगठित गिरोह सक्रिय है, जो पलक झपकते ही मास्टर की (नकली चाबी) या लॉक तोड़कर बाइक गायब कर देता है।

सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और मुखबिर तंत्र से मिला बड़ा सुराग

मामले की तफ्तीश में जुटी पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया। इसके साथ ही लोकल इंटेलिजेंस और मुखबिरों के नेटवर्क को सक्रिय किया गया।

जांच के दौरान पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध युवक एक बाइक का लॉक खोलते और उसे तेजी से ले जाते हुए दिखाई दिए। संदिग्धों के हुलिए और गतिविधियों के आधार पर पुलिस ने अपना जाल बिछाया। 21 अगस्त को गश्त के दौरान सादा वर्दी में तैनात पुलिस कर्मियों को सूचना मिली कि दो युवक बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल के साथ एक सुनसान इलाके में खड़े हैं और उसे किसी को सस्ते दामों में बेचने की फिराक में हैं।

नाकेबंदी कर दो संदिग्धों को दबोचा, 3 मोटरसाइकिलें जब्त

सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की और दोनों संदिग्धों को मौके पर ही दबोच लिया। जब उनसे बाइक के कागजात मांगे गए, तो वे कोई वैध दस्तावेज या संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

पुलिस द्वारा कड़ाई से की गई पूछताछ में दोनों युवकों ने शहर के अलग-अलग स्थानों से दुपहिया वाहन चुराने की बात कबूल कर ली। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने छिपाकर रखी गई कुल 3 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कर ली हैं।

कम दामों में ग्रामीण इलाकों में बेचते थे चोरी के वाहन

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी नशे की लत और अपने महंगे शौक पूरा करने के लिए वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में खड़ी ऐसी गाड़ियों को निशाना बनाते थे, जिनमें हैंडल लॉक नहीं लगा होता था या जिन्हें आसानी से तोड़ा जा सकता था।

चोरी करने के बाद ये आरोपी वाहनों की नंबर प्लेट हटा देते थे या नकली नंबर डाल देते थे। इसके बाद इन मोटरसाइकिलों को सीमावर्ती ग्रामीण इलाकों और पंजाब से सटे क्षेत्रों में सस्ते दामों पर बेच दिया जाता था।

गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी, कई अन्य खुलासों की उम्मीद

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। अब उन्हें अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि रिमांड के दौरान गहन पूछताछ से शहर में हुई कई अन्य वाहन चोरी की वारदातों का भी सुराग मिल सकता है।

साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में इनके अलावा और कौन-कौन से सदस्य शामिल हैं और चुराए गए वाहनों को खरीदने वाले कबाड़ियों या ग्राहकों का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️