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श्रीगंगानगर में बढ़ी सर्दी की छुट्टियाँ: जिला प्रशासन ने 10 जनवरी तक घोषित किया अवकाश, शीतलहर के प्रकोप से बच्चों को बचाने का फैसला

श्रीगंगानगर। राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में प्रकृति के कड़े तेवरों और लगातार गिरते तापमान ने आम जनजीवन के साथ-साथ स्कूली व्यवस्थाओं को भी प्रभावित कर दिया है। भयंकर ठंड, घने कोहरे और कड़ाके की शीतलहर (Cold Wave) को देखते हुए जिला प्रशासन ने छात्र हित में एक बड़ा निर्णय लिया है। जिला कलेक्टर के आदेशानुसार, जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश को अब 10 जनवरी तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

यह निर्णय विशेष रूप से छोटे बच्चों को जानलेवा ठंड और ठिठुरन से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है।


प्रशासन का निर्णय और आदेश का दायरा

जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह छुट्टियाँ मुख्य रूप से आंगनबाड़ियों और प्राथमिक विद्यालयों (कक्षा 1 से 5 या 8 तक) के लिए प्रभावी होंगी। पिछले कुछ दिनों से श्रीगंगानगर में न्यूनतम तापमान 5°C से 7°C के बीच बना हुआ है, और सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने के कारण विजिबिलिटी शून्य के करीब रहती है। ऐसी स्थिति में छोटे बच्चों का सुबह जल्दी स्कूल पहुंचना उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता था।

क्यों जरूरी था अवकाश बढ़ाना?

  1. स्वास्थ्य पर खतरा: चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि कड़ाके की ठंड बच्चों की इम्युनिटी पर असर डालती है। इससे निमोनिया, सर्दी-खांसी और वायरल बुखार का खतरा बढ़ जाता है।

  2. यातायात की असुरक्षा: सुबह के समय घना कोहरा होने के कारण स्कूल बसों और वैन के लिए सड़क पर चलना जोखिम भरा होता है। कोहरे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है।

  3. क्लासरूम में ठिठुरन: उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण स्कूल के कमरों में भी तापमान काफी कम रहता है, जिससे बच्चों के लिए पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना कठिन हो जाता है।

अभिभावकों ने ली राहत की सांस

प्रशासन के इस फैसले का अभिभावकों ने स्वागत किया है। कई अभिभावकों का कहना था कि सुबह 8-9 बजे की ठंड में बच्चों को स्कूल भेजना एक बड़ी चुनौती थी। सोशल मीडिया और स्कूल ग्रुप्स के माध्यम से जैसे ही छुट्टियों के बढ़ने की खबर मिली, परिजनों ने राहत महसूस की। हालांकि, प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन कक्षाओं की परीक्षाएं नजदीक हैं या बोर्ड की कक्षाएं हैं, उनके लिए समय में बदलाव के साथ विशेष निर्देश दिए जा सकते हैं।

शिक्षकों और उच्च कक्षाओं के लिए निर्देश

हालांकि छोटे बच्चों के लिए अवकाश घोषित किया गया है, लेकिन कई मामलों में शिक्षकों को प्रशासनिक कार्यों या उच्च कक्षाओं की तैयारी के लिए उपस्थित रहने के निर्देश दिए जा सकते हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निजी स्कूल भी इस सरकारी आदेश की पालना सुनिश्चित करेंगे और किसी भी स्थिति में छोटे बच्चों को इस हाड़ कंपाने वाली ठंड में स्कूल नहीं बुलाया जाएगा।

मौसम का मिजाज और आगे की स्थिति

मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले एक सप्ताह तक श्रीगंगानगर सहित पूरे संभाग में शीतलहर का जोर बना रहेगा। आसमान में बादल छाए रहने और कोहरे के कारण धूप की लुका-छिपी जारी रहेगी। यदि 10 जनवरी के बाद भी मौसम में सुधार नहीं होता है, तो प्रशासन छुट्टियों की अवधि की समीक्षा कर इसे और आगे बढ़ाने पर विचार कर सकता है।

निष्कर्ष

श्रीगंगानगर जिला प्रशासन का यह कदम बच्चों की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। कड़ाके की ठंड में ‘स्टे होम, स्टे सेफ’ (घर पर रहें, सुरक्षित रहें) का मंत्र ही सबसे कारगर है। प्रशासन ने सभी नागरिकों से भी अपील की है कि वे खुद को गर्म रखें और बच्चों को पूरी तरह ढंक कर रखें।

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