🢀
श्रीगंगानगर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: एनकाउंटर के बाद दबोचा गया इनामी गैंगस्टर, बड़ी वारदात की साजिश नाकाम

वारदात से पहले पुलिस का तगड़ा एक्शन

राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में जिला पुलिस ने मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई का एक बड़ा उदाहरण पेश किया है। पुलिस ने शहर को दहलाने की एक बहुत बड़ी आपराधिक साजिश को नाकाम करते हुए एक मुठभेड़ (एनकाउंटर) के दौरान नामी गैंगस्टर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई इस आमने-सामने की फायरिंग में गैंगस्टर के पैर में गोली लगी है, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अवस्था में उसे तुरंत भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्थानीय राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस की इस तत्परता से शहर में होने वाली एक बड़ी अनहोनी और रक्तपात को समय रहते टाल दिया गया है।

कैसे शुरू हुई मुठभेड़?

मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को अपने खुफिया तंत्र और मुखबिरों से एक पुख्ता सूचना मिली थी कि लॉरेंस बिश्नोई या किसी अन्य स्थानीय सक्रिय गैंग से जुड़ा एक कुख्यात शूटर और गैंगस्टर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से श्रीगंगानगर शहर की सीमा में दाखिल हुआ है। वह अपने कुछ साथियों के साथ किसी व्यापारी या स्थानीय रसूखदार व्यक्ति से रंगदारी वसूलने या उसकी हत्या करने की फिराक में था।

इस इनपुट के मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में स्पेशल टीम और स्थानीय पुलिस थाना प्रभारी ने तुरंत जाल बिछाया। पुलिस ने शहर के मुख्य एंट्री पॉइंट्स और संदिग्ध ठिकानों पर नाकेबंदी कड़ी कर दी। इसी दौरान एक सुनसान इलाके या बाईपास के पास पुलिस को एक संदिग्ध मोटरसाइकिल/कार आती हुई दिखाई दी। जब पुलिस की टीम ने उसे रुकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी।

जवाबी फायरिंग में ढेर हुई गैंगस्टर की अकड़

बदमाशों की तरफ से अचानक हुई गोलीबारी के बाद पुलिस ने भी तुरंत मोर्चा संभाला। आत्मरक्षार्थ और अपराधियों को दबोचने के लिए पुलिस की तरफ से भी जवाबी फायरिंग (Cross-firing) की गई। दोनों ओर से कई राउंड गोलियां चलीं, जिससे पूरा इलाका गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। पुलिस की सटीक जवाबी कार्रवाई में एक गोली सीधे गैंगस्टर के पैर में जा लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। उसे गिरता देख उसके साथी अंधेरे या मौके का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

अस्पताल में कड़ी सुरक्षा, हथियारों का जखीरा बरामद

एनकाउंटर के तुरंत बाद पुलिस ने घायल गैंगस्टर को कब्जे में लिया और बिना वक्त गंवाए उसे अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है ताकि उसके साथी उसे भगाने या उस पर हमला करने की कोशिश न कर सकें। पुलिस ने मौके से गैंगस्टर के पास से अवैध अत्याधुनिक हथियार, कई जिंदा कारतूस और एक चोरी का वाहन बरामद किया है। बरामद हथियारों की प्रकृति को देखकर यह साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि बदमाश किसी बहुत सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने की तैयारी के साथ आए थे।

पुलिस की गहन जांच और आगामी योजना

इस बड़ी कामयाबी के बाद पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पुलिस के उच्च अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की स्थिति में सुधार होते ही उससे कड़ाई से पूछताछ की जाएगी। पुलिस मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है:

  1. मुख्य टारगेट कौन था? वह शहर में किस खास शख्सियत या व्यापारी को निशाना बनाने आया था?

  2. स्थानीय मददगार कौन हैं? श्रीगंगानगर में उसे पनाह देने और रेकी (Reece) करने में किन स्थानीय अपराधियों या युवकों ने उसकी मदद की?

  3. हथियारों की सप्लाई कहाँ से हुई? इतनी भारी मात्रा में अवैध हथियार उस तक कैसे और किस रास्ते से पहुंचे?

पुलिस अधीक्षक का बयान: “हम अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहे हैं। श्रीगंगानगर की शांति व्यवस्था को भंग करने वाले किसी भी शरारती तत्व या गैंगस्टर को बख्शा नहीं जाएगा। इस मुठभेड़ ने साबित किया है कि हमारी टीम हर चुनौती से निपटने के लिए चौबीसों घंटे तैयार है।”

इस सफल ऑपरेशन के बाद श्रीगंगानगर के स्थानीय व्यापारियों और आम जनता ने राहत की सांस ली है और पुलिस प्रशासन की इस बहादुरी भरे एक्शन की जमकर सराहना की जा रही है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️