
श्रीगंगानगर, 15 मार्च 2026: राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में नशे की जड़ें खोदने के लिए पुलिस और प्रशासन ने अब आर-पार की लड़ाई छेड़ दी है। मुख्यमंत्री के ‘नशा मुक्त राजस्थान’ के संकल्प और पुलिस महानिरीक्षक (IG) के कड़े निर्देशों के बाद आज श्रीगंगानगर पुलिस और नगरपालिका प्रशासन ने संयुक्त रूप से एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। नशे के काले कारोबार से अर्जित संपत्ति और सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों पर आज प्रशासन का बुलडोजर जमकर गरजा।
यह कार्रवाई न केवल एक अवैध निर्माण को ढहाने के लिए थी, बल्कि उन तमाम अपराधियों के लिए एक सख्त चेतावनी भी थी जो नशे की तस्करी कर युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं।
ऑपरेशन ‘क्लीन स्वीप’: तस्कर की अवैध हवेली जमींदोज
आज सुबह की पहली किरण के साथ ही भारी पुलिस बल और नगरपालिका की टीम शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक चिह्नित स्थान पर पहुँची। यहाँ हाल ही में गिरफ्तार किए गए एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर नशा तस्कर ने सरकारी चरागाह और सड़क की भूमि पर कब्जा कर एक आलीशान बाउंड्री वॉल और गोदाम का निर्माण कर रखा था।
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कार्रवाई का आधार: पुलिस जांच में सामने आया कि तस्कर ने पिछले पांच वर्षों में हेरोइन और सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी से करोड़ों रुपये कमाए और इसी काली कमाई का इस्तेमाल सरकारी जमीन को हथियाने में किया।
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बुलडोजर एक्शन: जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) की मौजूदगी में दो बुलडोजरों ने महज 3 घंटों के भीतर अवैध निर्माण को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया।
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सुरक्षा घेरा: कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई थी और क्यूआरटी (QRT) के जवानों को तैनात किया गया था।
संपत्तियों की जांच और ‘नशा मुक्त अभियान’
पुलिस महानिरीक्षक के आदेशानुसार, श्रीगंगानगर जिले में अब केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। प्रशासन ने ‘संपत्ति जब्ती और ध्वस्तीकरण’ की रणनीति अपनाई है। इसके तहत:
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संदिग्धों की सूची: पुलिस ने जिले के शीर्ष 50 नशा तस्करों की सूची तैयार की है। इनके आय के स्रोतों और अचल संपत्तियों की गहनता से जांच की जा रही है।
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नगरपालिका व राजस्व टीम का समन्वय: राजस्व विभाग अब यह पता लगा रहा है कि किन-किन तस्करों ने सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण किया है या बिना नक्शा पास कराए ‘नशा गोदाम’ बना रखे हैं।
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आर्थिक चोट: पुलिस का मानना है कि जेल भेजने से तस्करों का नेटवर्क नहीं टूटता, लेकिन उनकी आर्थिक कमर तोड़ने और उनके अवैध घरों को गिराने से समाज में एक कड़ा संदेश जाता है और अपराधियों में कानून का भय पैदा होता है।
समाज और प्रशासन का साझा मोर्चा
श्रीगंगानगर जिला लंबे समय से पंजाब सीमा से सटे होने के कारण नशे की समस्या से जूझ रहा है। आज की इस कार्रवाई का स्थानीय निवासियों ने स्वागत किया है। मोहल्ला समितियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि नशा तस्करों के आलीशान घर युवाओं को अपराध की ओर आकर्षित करते थे, लेकिन अब उनका ध्वस्त होना यह बताता है कि “अपराध की राह अंततः विनाश की ओर ले जाती है।”
पुलिस अधीक्षक का बयान: “नशा तस्कर समाज के दुश्मन हैं। हम केवल उन्हें जेल नहीं भेजेंगे, बल्कि उनके द्वारा अवैध रूप से खड़े किए गए ‘साम्राज्य’ को भी नेस्तनाबूद करेंगे। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक श्रीगंगानगर का हर कोना नशा मुक्त नहीं हो जाता।”
भविष्य की रणनीति
आने वाले दिनों में श्रीगंगानगर पुलिस अन्य तहसील क्षेत्रों जैसे पदमपुर, गजसिंहपुर और अनूपगढ़ में भी इसी तरह के बुलडोजर एक्शन की तैयारी कर रही है। सीमा पार से होने वाली तस्करी को रोकने के लिए बीएसएफ (BSF) के साथ तालमेल बढ़ाकर तस्करों के स्थानीय नेटवर्क को ध्वस्त किया जा रहा है।