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श्रीगंगानगर में नशे के खिलाफ पुलिस और नारकोटिक्स सेल का बड़ा प्रहार: छापेमारी, हेरोइन जब्त और तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़

राजस्थान का श्रीगंगानगर जिला अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण लंबे समय से नशे की अवैध तस्करी की चुनौती का सामना कर रहा है। पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे होने की वजह से यह क्षेत्र ड्रग्स सिंडिकेट का सॉफ्ट टारगेट बना रहता है। राज्य सरकार की नशे के प्रति ‘ज़ीरो टॉलरेंस नीति’ के तहत राजस्थान पुलिस, जिला स्पेशल टीम (DST) और नारकोटिक्स सेल ने मिलकर श्रीगंगानगर शहर और इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में अवैध नशे के सौदागरों के खिलाफ एक बड़ा और सघन अभियान चलाया।

इस बहुस्तरीय छापेमारी का उद्देश्य केवल नशे की स्थानीय बिक्री को रोकना ही नहीं, बल्कि सीमा पार से चल रहे अंतरराष्ट्रीय और अंतर्राज्यीय तस्करी नेटवर्क की कमर तोड़ना है।

1. सघन छापेमारी और रिकवरी (हेरोइन व नशीली दवाएं)

अभियान के दौरान पुलिस और नारकोटिक्स सेल की टीमों ने सूचना तंत्र (इन्फॉर्मर नेटवर्क) और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर श्रीगंगानगर शहर के विभिन्न वार्डों, हॉस्टलों, किराए के मकानों और सीमावर्ती गांवों के संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ दबिश दी।

  • हेरोइन की बरामदगी: संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन (चिट्टा) की बड़ी खेप बरामद की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस जब्त हेरोइन की कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई है।

  • नशीली गोलियों व सिरप का जखीरा: छापेमारी के दौरान बिना वैध मेडिकल बिलों के रखी गई हजारों प्रतिबंधित नशीली गोलियों (जैसे ट्रामाडोल, एल्प्राजोलम) और सिरप की शीशियां जब्त की गईं।

  • वाहनों और नकदी की जब्ती: तस्करी में इस्तेमाल की जा रही लग्जरी कारें, मोटरसाइकिलें और ड्रग मनी (नशे की बिक्री से अर्जित अवैध नकदी) भी बरामद की गई।

2. सीमा पार (Cross-Border) नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध हिरासत में

श्रीगंगानगर में पिछले कुछ समय से पाकिस्तानी ड्रोन के जरिए खेतों में हेरोइन की खेप गिराए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस की प्राथमिक पूछताछ और तकनीकी जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि इस कार्रवाई में पकड़े गए संदिग्ध सीमा पार बैठे पाकिस्तानी तस्करों के संपर्क में थे।

  • पिकअप सिंडिकेट का पर्दाफाश: गिरफ्तार संदिग्धों का मुख्य काम ड्रोन से गिराई गई हेरोइन को लोकेशन से पिक करना और उसे पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के अन्य जिलों में पहुंचाना था।

  • अंतर्राज्यीय कनेक्शन: हिरासत में लिए गए आरोपियों में स्थानीय सप्लायरों के अलावा पड़ोसी राज्यों (विशेषकर पंजाब) से जुड़े तस्कर भी शामिल हैं, जो फर्जी नंबर प्लेट वाली गाड़ियों का इस्तेमाल करके नशे की आपूर्ति करते थे।

3. एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई

पुलिस प्रशासन ने पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की गंभीर धाराओं में मामले दर्ज किए हैं।

  • अवैध संपत्तियों की कुर्मी/ध्वस्तीकरण: ‘ऑपरेशन सीमा संकल्प’ और पुलिस की विशेष कार्रवाई के तहत, नशे के काले कारोबार से कमाई गई अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर उन्हें सीज या ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

  • अंतिम कड़ी तक पहुंचने का प्रयास: पुलिस अधिकारी आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनके बैंक खातों, कॉल डिटेल्स और क्रिप्टो/हवाला ट्रांजेक्शन की सघन जांच कर रहे हैं ताकि पूरे नेटवर्क के मुख्य सरगना को गिरफ्तार किया जा सके।

4. आमजन और युवाओं को सुरक्षित रखने का संकल्प

श्रीगंगानगर पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि नशे के व्यापार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस अभियान के साथ-साथ पुलिस प्रशासन युवाओं को नशे के चंगुल से छुड़ाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम और नशामुक्ति केंद्रों के सहयोग से पुनर्वास प्रक्रिया को भी बढ़ावा दे रहा है।

निष्कर्ष:

राजस्थान पुलिस और नारकोटिक्स सेल की यह संयुक्त छापेमारी श्रीगंगानगर में नशे के सौदागरों के लिए एक सख्त संदेश है। सीमा पार से होने वाली ड्रोन तस्करी और स्थानीय सप्लाई चेन पर एक साथ वार करके पुलिस ने सुरक्षा ग्रिड को और अधिक मजबूत कर दिया है।

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