
श्रीगंगानगर। सरहदी जिले श्रीगंगानगर में नशे की जड़ें काटने के लिए पुलिस प्रशासन इन दिनों बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है। शुक्रवार की देर रात पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ‘ऑपरेशन फ्लश आउट’ के तहत दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में एक महिला तस्कर सहित कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये की कीमत रखने वाली 82.09 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) और 10 किलोग्राम डोडा पोस्त बरामद किया गया है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में बड़ी कामयाबी
जिला पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. अमृता दुहन ने पदभार संभालने के बाद से ही जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रखी है। डॉ. दुहन के अनुसार, पुलिस को मुखबिरों के जरिए सूचना मिली थी कि नशे की एक बड़ी खेप शहर और ग्रामीण इलाकों में सप्लाई होने वाली है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए विशेष टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने जाल बिछाकर इन तस्करों को दबोच लिया।
केस 1: हेरोइन के साथ महिला और साथी गिरफ्तार
पहली बड़ी कार्रवाई शहर के बाहरी इलाके में हुई, जहाँ पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध बाइक को रुकवाया। बाइक पर सवार एक पुरुष और एक महिला पुलिस को देखकर सकपका गए और भागने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें घेराबंदी कर पकड़ लिया।
तलाशी लेने पर राजवीर कौर उर्फ कोमल और उसके साथी धर्मप्रीत सिंह के पास से 82.09 ग्राम अवैध हेरोइन बरामद हुई। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि ये दोनों लंबे समय से पंजाब और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में ‘चिट्टे’ की छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर युवाओं को सप्लाई करते थे। महिला तस्कर का इस नेटवर्क में शामिल होना पुलिस के लिए भी चौंकाने वाला है, क्योंकि अक्सर महिलाएं पुलिस की चेकिंग से बचने के लिए ढाल के रूप में इस्तेमाल की जाती हैं।
केस 2: डोडा पोस्त की तस्करी का भंडाफोड़
दूसरी कार्रवाई में पुलिस ने हीरा सिंह नामक तस्कर को गिरफ्तार किया है। हीरा सिंह के कब्जे से 10 किलोग्राम डोडा पोस्त बरामद किया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि डोडा पोस्त की यह खेप कहाँ से लाई गई थी और इसे आगे किसे बेचा जाना था। आमतौर पर डोडा पोस्त की तस्करी ट्रकों या भारी वाहनों के जरिए की जाती है, लेकिन हीरा सिंह इसे छोटे स्तर पर स्थानीय मजदूरों और नशा करने वालों तक पहुँचाने का काम कर रहा था।
तस्करी का नेटवर्क: पंजाब कनेक्शन?
श्रीगंगानगर की सीमा पंजाब से सटी होने के कारण यहाँ नशे की तस्करी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। गिरफ्तार आरोपियों धर्मप्रीत सिंह, हीरा सिंह और राजवीर कौर से की गई प्रारंभिक पूछताछ में कुछ अहम सुराग मिले हैं। पुलिस को अंदेशा है कि इनके तार पंजाब के बड़े ड्रग माफियाओं से जुड़े हो सकते हैं।
SP डॉ. अमृता दुहन का बयान: “हम केवल इन प्यादों तक सीमित नहीं रहेंगे। हमारा लक्ष्य उस मुख्य स्रोत तक पहुँचना है जहाँ से यह जहर जिले में प्रवेश कर रहा है। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।”
युवाओं पर मंडराता खतरा
श्रीगंगानगर में हेरोइन (चिट्टा) का बढ़ता चलन प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। पकड़ी गई 82.09 ग्राम हेरोइन की मात्रा भले ही कम लगे, लेकिन बाजार में इसकी कीमत और इससे बर्बाद होने वाले परिवारों की संख्या बहुत बड़ी है। पुलिस अब उन इलाकों को चिन्हित कर रही है जहाँ नशे की मांग सबसे ज्यादा है, ताकि मांग और आपूर्ति की चेन को पूरी तरह तोड़ा जा सके।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आज शनिवार को इन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान पुलिस इन तस्करों से उनके खरीदारों और सप्लायर्स के ठिकानों के बारे में राज उगलवाएगी।