
श्रीगंगानगर: राजस्थान के श्रीगंगानगर शहर में एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा सामने आया है। यहाँ एसएसबी (SSB) रोड पर मंगलवार शाम एक चलती हुई ई-स्कूटी में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते स्कूटी आग की लपटों से घिर गई और सड़क के बीचों-बीच ‘आग का गोला’ बन गई। गनीमत रही कि आस-पास मौजूद राहगीरों की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया और स्कूटी चला रहे व्यापारी की जान बाल-बाल बची।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, चक 3 ई (छोटी गली नंबर 8) के निवासी राजेश ग्रोवर, जो कि पेशे से व्यापारी हैं, मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। जब वे मीरा चौक से एसएसबी रोड की ओर बढ़ रहे थे, तभी अचानक उनकी चलती हुई ई-स्कूटी के पिछले हिस्से से काला धुआं और चिंगारियां निकलने लगीं।
राजेश ग्रोवर को शुरुआत में इस बात का अहसास नहीं हुआ, लेकिन उनके बगल से गुजर रहे राहगीरों ने जब नीचे से आग की लपटें निकलती देखीं, तो उन्होंने शोर मचाकर राजेश को रुकने और गाड़ी छोड़ने का इशारा किया।
मची अफरा-तफरी, चालक ने दिखाई सूझबूझ
शोर सुनकर राजेश ने तुरंत स्कूटी रोकी और उससे दूर छिटक गए। उनके उतरते ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। चंद सेकंडों के भीतर ही पूरी स्कूटी आग की लपटों में घिर गई। व्यस्त सड़क होने के कारण वहाँ मौजूद लोगों में दहशत फैल गई और सड़क पर जाम लग गया। लोग अपनी गाड़ियाँ रोककर सुरक्षित दूरी पर खड़े हो गए।
राहत कार्य: स्थानीय निवासियों ने तुरंत दमकल विभाग (Fire Brigade) को सूचित किया। दमकल की गाड़ी ने मौके पर पहुँचकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक स्कूटी पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। केवल लोहे का ढांचा ही शेष बचा।
ई-वाहनों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) में आग लगने की घटनाओं को चर्चा में ला दिया है। श्रीगंगानगर में पिछले कुछ समय में बैटरी चालित वाहनों में इस तरह की समस्याएँ देखी गई हैं।
संभावित कारण:
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बैटरी में शॉर्ट सर्किट: प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, स्कूटी की लिथियम-आयन बैटरी में तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण यह आग लगी।
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गर्मी का प्रभाव: तापमान बढ़ने के कारण भी कई बार बैटरी ओवरहीट होकर आग पकड़ लेती है।
सावधानी बरतने की सलाह
अग्निशमन अधिकारियों और विशेषज्ञों ने ई-वाहन मालिकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं:
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अपनी स्कूटी को धूप में लंबे समय तक खड़ा न रखें।
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चार्जिंग के लिए हमेशा मूल (Original) चार्जर का ही उपयोग करें।
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यदि वाहन चलाते समय सीट के नीचे से अत्यधिक गर्मी महसूस हो या गंध आए, तो तुरंत वाहन रोक दें।
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बैटरी की नियमित सर्विसिंग किसी अधिकृत डीलर से ही करवाएं।
इस हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि न होना राहत की बात है, लेकिन व्यापारी का हजारों रुपए का नुकसान हो गया है। पुलिस ने घटना का मौका मुआयना कर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।