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श्रीगंगानगर में घने कोहरे का कहर: शून्य हुई विजिबिलिटी और थमी रफ्तार श्रीगंगानगर, 1 जनवरी 2026

नए साल के पहले दिन जहां लोग नई उम्मीदों के साथ जागे, वहीं श्रीगंगानगर की सुबह एक घने, सफेद और अभेद्य कोहरे की चादर में लिपटी नजर आई। सीमावर्ती जिले में आज सुबह दृश्यता (Visibility) शून्य मीटर तक गिर गई, जिससे न केवल आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ, बल्कि परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों पर भी गहरा असर पड़ा है।

सफेद अंधेरे में डूबा शहर और हाईवे

आज सुबह 4 बजे से ही कोहरे ने अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी थी। सुबह 8 बजे तक स्थिति यह थी कि हाथ को हाथ सुझाई नहीं दे रहा था। शहर की मुख्य सड़कों जैसे सुखाड़िया सर्कल, मीरा चौक और मुख्य बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। सबसे बुरा हाल राष्ट्रीय राजमार्ग-62 (NH-62) और अन्य लिंक सड़कों का रहा। हाईवे पर चलने वाले भारी वाहनों और ट्रकों के पहिये पूरी तरह थम गए। वाहन चालक हेडलाइट और फॉग लाइट जलाने के बावजूद सड़क के किनारे देखने में असमर्थ थे, जिसके कारण कई वाहनों को ढाबों और सुरक्षित स्थानों पर खड़ा करना पड़ा।

यातायात और रेल सेवाओं पर असर

कोहरे का सीधा असर लंबी दूरी की ट्रेनों और बसों पर पड़ा है।

  • रेलवे: श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 3 से 6 घंटे की देरी से चल रही हैं। यात्रियों को ठिठुरन भरी ठंड में प्लेटफार्मों पर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

  • रोडवेज: राजस्थान रोडवेज और निजी बसों का संचालन सुरक्षा कारणों से धीमा कर दिया गया है। कोहरे के कारण बसों के फेरों में कटौती की गई है, जिससे यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।

प्रशासन की चेतावनी और सुरक्षा उपाय

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और यातायात पुलिस ने कड़ी एडवाइजरी जारी की है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से वाहन चालकों के लिए निम्नलिखित निर्देश जारी किए गए हैं:

  1. फॉग लाइट का उपयोग: वाहन चलाते समय फॉग लाइट और इंडिकेटर का निरंतर प्रयोग करें।

  2. गति सीमा: सड़कों पर गति को न्यूनतम रखें और ओवरटेकिंग से पूरी तरह बचें।

  3. रिफ्लेक्टर: कृषि वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉली मालिकों को अपने वाहनों के पीछे लाल रिफ्लेक्टर टेप लगाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पीछे से आ रहे वाहन को दूरी का आभास हो सके।

आम जनजीवन और स्वास्थ्य पर प्रभाव

कोहरे के साथ आई नमी ने गलन (Chill) को बढ़ा दिया है। सुबह की सैर पर निकलने वाले बुजुर्गों और बच्चों को घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है। जिला अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, घने कोहरे और नमी के कारण सांस के मरीजों और हृदय रोगियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इसके अतिरिक्त, कोहरे का असर स्थानीय व्यापार पर भी दिख रहा है; बाजारों में खरीदारों की रौनक सामान्य से काफी कम है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले 48 घंटों तक श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ बेल्ट में ‘घने से अति घना कोहरा’ (Dense to Very Dense Fog) छाए रहने की संभावना है। उत्तर से आ रही सर्द हवाएं इस स्थिति को और गंभीर बना सकती हैं।


निष्कर्ष

श्रीगंगानगर के लिए साल 2026 की शुरुआत सुरक्षा और सतर्कता का संदेश लेकर आई है। प्रकृति के इस बदले मिजाज ने जहाँ एक ओर माहौल को रोमांचक बनाया है, वहीं दूसरी ओर सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ी चुनौती पेश कर दी है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️