
श्रीगंगानगर। राजस्थान के सुदूर उत्तरी छोर पर स्थित सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में मौसम के मिजाज में अब तेजी से बदलाव आने लगा है। साल 2026 के फरवरी महीने के मध्य तक आते-आते कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का दौर अब इतिहास बनता नजर आ रहा है। आज 14 फरवरी को जिले का मौसम पूरी तरह शुष्क रहा और आसमान साफ रहने से धूप की तपिश ने लोगों को स्वेटर और जैकेट उतारने पर मजबूर कर दिया है।
तापमान का गणित: 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी
मौसम विभाग (IMD) से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, पिछले 48 घंटों के भीतर श्रीगंगानगर के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जहां जनवरी के अंतिम सप्ताह तक दिन का पारा 15 से 18 डिग्री के बीच झूल रहा था, वहीं अब यह 24 से 27 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुँच गया है।
इस बदलाव का मुख्य कारण उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का कमजोर पड़ना और हवाओं की दिशा में बदलाव होना है। उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाओं की गति थम गई है, जिससे वातावरण में मौजूद नमी कम हो गई है और मौसम पूरी तरह ‘शुष्क’ (Dry) हो गया है।
दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर
वर्तमान में श्रीगंगानगर के निवासी एक विचित्र ‘दोहरे मौसम’ का अनुभव कर रहे हैं।
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दिन का समय: तेज धूप के कारण दोपहर के समय हल्की गर्मी महसूस होने लगी है। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोग अब सूती कपड़ों में नजर आने लगे हैं।
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रात और सुबह: हालांकि दिन गर्म हो रहे हैं, लेकिन रात और तड़के सुबह अभी भी हल्की ठंड बरकरार है। न्यूनतम तापमान अभी भी 8 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिससे अलसुबह बाहर निकलने वालों को हल्की गर्म चादर या स्वेटर की आवश्यकता पड़ रही है।
कृषि और आम जनजीवन पर प्रभाव
मौसम में आए इस अचानक बदलाव का सीधा असर जिले की मुख्य फसलों, विशेषकर गेहूं और सरसों पर पड़ने की संभावना है।
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फसलों के लिए चुनौती: कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तापमान में इसी तरह अचानक वृद्धि जारी रही, तो गेहूं की फसल समय से पहले पक सकती है, जिससे दानों के आकार और पैदावार पर असर पड़ सकता है। किसानों को अब सिंचाई के प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है।
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स्वास्थ्य पर असर: बदलते मौसम के कारण ‘सीजनल फ्लू’, सर्दी-जुकाम और गले में संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि सुबह-शाम की ठंड से अभी भी बचाव रखें और ठंडे खान-पान से परहेज करें।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले एक सप्ताह तक श्रीगंगानगर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की कोई संभावना नहीं है। आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा, जिससे सौर विकिरण (Solar Radiation) सीधा धरती तक पहुँचेगा और दिन के तापमान में और भी इजाफा होगा। फरवरी के अंत तक श्रीगंगानगर में गर्मी का असर पूरी तरह प्रभावी हो सकता है, जो इस बार समय से पहले ग्रीष्म ऋतु के आगमन का संकेत दे रहा है।
मौसम डायरी: श्रीगंगानगर अपनी चरम जलवायु के लिए जाना जाता है। यहाँ जितनी भीषण ठंड पड़ती है, गर्मी का मौसम भी उतना ही चुनौतीपूर्ण होता है। 14 फरवरी का यह शुष्क मौसम इसी भीषण गर्मी की पहली आहट माना जा रहा है।