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श्रीगंगानगर में गर्मी का प्रचंड प्रहार: 39°C पहुंचा पारा, मौसम विभाग ने जारी की ‘लू’ की चेतावनी

श्रीगंगानगर। राजस्थान का “धान का कटोरा” कहा जाने वाला श्रीगंगानगर जिला एक बार फिर अपनी भीषण गर्मी के लिए सुर्खियों में है। अभी अप्रैल का आधा महीना ही बीता है कि सूरज के तेवर तल्ख होने लगे हैं। आज 15 अप्रैल 2026 को श्रीगंगानगर में इस सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान 39°C (डिग्री सेल्सियस) के स्तर को छू गया। मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट ने जिलेवासियों की चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि आने वाले दिनों में भीषण ‘लू’ (Heatwave) का अलर्ट जारी किया गया है।


तपने लगा है सीमावर्ती इलाका

पिछले एक सप्ताह से तापमान में निरंतर बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। सुबह 10 बजे के बाद से ही धूप की तपिश इतनी तेज हो जाती है कि सड़कों पर आवाजाही कम होने लगती है। दोपहर के समय गर्म हवाओं के थपेड़ों ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। आज दर्ज किया गया 39°C तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक है, जो इस बात का संकेत है कि इस बार गर्मी अपने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ सकती है।

17-18 अप्रैल को ‘हीटवेव’ का रेड अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से आ रही गर्म और शुष्क हवाओं के कारण पश्चिमी राजस्थान के जिलों, विशेषकर श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर में तापमान में भारी उछाल आएगा।

मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि:

  • अगले 48 घंटों में तापमान 42°C से 44°C तक पहुंच सकता है।

  • 17 और 18 अप्रैल को जिले में तीव्र ‘लू’ (Heatwave) चलने की प्रबल संभावना है।

  • रात के तापमान में भी 2 से 3 डिग्री की वृद्धि होगी, जिससे रातों में भी बेचैनी बढ़ेगी।

जनजीवन पर पड़ रहा है असर

बढ़ती गर्मी का सीधा असर श्रीगंगानगर के जनजीवन और बाजार पर दिखने लगा है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाजारों में सन्नाटा पसरने लगा है। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

  • पेय पदार्थों की मांग बढ़ी: शहर में गन्ने का रस, शिकंजी, और लस्सी की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। लोग खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए तरल पदार्थों का सहारा ले रहे हैं।

  • खेती-बाड़ी पर प्रभाव: कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक बढ़ते तापमान से उन फसलों पर असर पड़ सकता है जिनकी कटाई अभी बाकी है या जो अभी खलिहानों में हैं। हालांकि, गेहूं की कटाई लगभग पूरी होने को है, लेकिन पशुओं के चारे और बागवानी फसलों के लिए यह गर्मी चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है।

स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी: क्या करें और क्या न करें?

भीषण गर्मी और लू की चेतावनी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आमजन के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने लोगों को ‘सनस्ट्रोक’ (लू लगना) से बचने की सलाह दी है:

  1. भरपूर पानी पिएं: प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल पर पानी, ओआरएस (ORS), या घर में बने पेय जैसे लस्सी, नींबू-पानी आदि का सेवन करें।

  2. धूप से बचाव: दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें। यदि निकलना अनिवार्य हो, तो सिर को सफेद सूती कपड़े, टोपी या छतरी से ढककर रखें।

  3. हल्के कपड़े पहनें: ढीले और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें ताकि शरीर का तापमान नियंत्रित रहे।

  4. खान-पान का ध्यान: बासी भोजन से बचें और खाली पेट घर से बाहर न निकलें। तरबूज, खीरा और ककड़ी जैसे मौसमी फलों का सेवन अधिक करें।

आगामी दिनों की चुनौती

श्रीगंगानगर का इतिहास रहा है कि यहां तापमान 50°C के करीब पहुंच जाता है। अप्रैल के मध्य में ही 40 डिग्री के करीब पहुंचता पारा इस बात की चेतावनी है कि मई और जून के महीने और भी कष्टदायक हो सकते हैं। प्रशासन ने बिजली विभाग को भी सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि लोग कूलर और एसी के जरिए राहत पा सकें।

निष्कर्ष: श्रीगंगानगर वासियों के लिए अगले कुछ दिन अग्निपरीक्षा जैसे होने वाले हैं। मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए सावधानी बरतना ही इस भीषण गर्मी से बचने का एकमात्र उपाय है।


सावधान रहें, सुरक्षित रहें। गर्मी के इस प्रकोप में पशु-पक्षियों के लिए भी दाना-पानी का प्रबंध जरूर करें।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️