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श्रीगंगानगर में ‘कोहरे का टॉर्चर’: विजिबिलिटी शून्य के करीब, जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त

राजस्थान का उत्तरी छोर, श्रीगंगानगर, इन दिनों भीषण शीत लहर और घने कोहरे की आगोश में है। शनिवार, 20 दिसंबर 2025 की सुबह जिले के लिए इस सीजन की सबसे चुनौतीपूर्ण सुबह रही। उत्तर भारत के पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं और मैदानी इलाकों में नमी के मेल ने पूरे शहर को सफेद चादर में लपेट दिया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच दृश्यता (Visibility) घटकर मात्र 5 मीटर रह गई, जिसने परिवहन और सामान्य जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया।


हाईवे पर थमी रफ्तार: हेडलाइट्स भी हुईं नाकाम

कोहरे का सबसे घातक असर गंगानगर-हनुमानगढ़ हाईवे और सूरतगढ़ रोड पर देखने को मिला। विजिबिलिटी इतनी कम थी कि वाहन चालकों को सड़क के किनारे लगे रिफ्लेक्टर और डिवाइडर तक नजर नहीं आ रहे थे।

  • रेंगते रहे वाहन: ट्रक, बसें और निजी गाड़ियां 10-20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से रेंगती नजर आईं। कई वाहन चालकों को कोहरा छंटने के इंतजार में ढाबों और पेट्रोल पंपों पर शरण लेनी पड़ी।

  • दिन में रात का अहसास: सुबह 10 बजे तक स्थिति ऐसी थी कि वाहन चालकों को ‘लो-बीम’ पर हेडलाइट्स और फॉग लाइट्स जलानी पड़ीं। इसके बावजूद, सड़क पर केवल कुछ मीटर तक ही देख पाना संभव हो पा रहा था।

  • हादसों का डर: पुलिस प्रशासन ने हाईवे पर गश्त बढ़ा दी है और लाउडस्पीकर के माध्यम से चालकों को धीरे चलने व सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी जा रही है।

तापमान का गिरता ग्राफ और कड़ाके की ठंड

श्रीगंगानगर में आज न्यूनतम तापमान 9°C दर्ज किया गया, लेकिन हवा में मौजूद नमी (Humidity) और कोहरे के कारण ‘फील लाइक’ टेम्परेचर (महसूस होने वाला तापमान) इससे कहीं कम रहा।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 48 घंटों में तापमान में और गिरावट आ सकती है। शीतलहर (Cold Wave) चलने की संभावना के कारण जिला प्रशासन ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

रेल और हवाई यातायात पर प्रभाव

घने कोहरे ने केवल सड़क ही नहीं, बल्कि रेल यातायात को भी प्रभावित किया है। श्रीगंगानगर आने वाली कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 3 से 6 घंटे की देरी से चल रही हैं। रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को भारी ठंड के बीच घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कोहरे के कारण लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन में सिग्नलिंग की समस्या आ रही है, जिससे सुरक्षा कारणों से ट्रेनों की गति धीमी कर दी गई है।

आम जनजीवन और खेती पर असर

  • बाजारों में सन्नाटा: सुबह के समय शहर के मुख्य बाजार जैसे गोल बाजार और सुखाड़िया सर्किल पर सन्नाटा पसरा रहा। लोग केवल जरूरी कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

  • खेती के लिए ‘अमृत’ और ‘आफत’: कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह कोहरा और ओस गेहूं और सरसों की फसल के लिए फायदेमंद है, क्योंकि इससे पौधों को आवश्यक नमी मिलती है। हालांकि, यदि यह कोहरा लंबे समय तक बना रहता है और धूप नहीं निकलती, तो फसलों में कीट (Chepa) लगने का खतरा भी बढ़ सकता है।

  • मजदूर वर्ग की मुश्किलें: दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों के लिए यह मौसम दोहरी मार लेकर आया है। काम की तलाश में सुबह जल्दी निकलने वाले मजदूरों को कड़कड़ाती ठंड और दृश्यता कम होने के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन की तैयारी

नगर परिषद द्वारा सार्वजनिक स्थानों और रैन बसेरों में अलाव की व्यवस्था की गई है। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि कोई भी बेसहारा व्यक्ति खुले आसमान के नीचे न सोए। साथ ही, कोहरे को देखते हुए स्कूल के समय में बदलाव की मांग भी उठने लगी है।

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