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श्रीगंगानगर में ‘कोहरे का टॉर्चर’: घने कोहरे की चादर में लिपटा जिला, विजिबिलिटी शून्य के करीब, जनजीवन अस्त-व्यस्त

श्रीगंगानगर। राजस्थान के उत्तरी छोर पर स्थित श्रीगंगानगर जिले में आज, 19 दिसंबर 2025 की सुबह मौसम का सबसे कड़ा रूप देखने को मिला। पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही ठंड के बीच आज तड़के से ही पूरा जिला घने सफेद कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया। कोहरे का आलम यह था कि सुबह 8 बजे तक भी सड़कों पर विजिबिलिटी (दृश्यता) 10 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह ठहर सा गया है।

सड़कों पर रेंगते नजर आए वाहन

घने कोहरे के कारण श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ हाईवे, सूरतगढ़ रोड और पंजाब को जोड़ने वाली सड़कों पर यातायात की रफ्तार बेहद धीमी रही। वाहन चालकों को दिन में भी अपनी हेडलाइट्स और फॉग लाइट्स जलाकर चलना पड़ा। कई स्थानों पर विजिबिलिटी शून्य (Zero Visibility) होने के कारण चालकों को अपने वाहन सड़क किनारे खड़े करने पड़े। कोहरे के साथ-साथ चल रही ठंडी हवाओं ने दोपहिया वाहन चालकों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने हाईवे पर गश्त बढ़ा दी है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

ट्रेनों और बसों की रफ्तार पर लगा ब्रेक

कोहरे का सबसे ज्यादा असर लंबी दूरी की ट्रेनों और रोडवेज बसों पर पड़ा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली, कालका और अंबाला की ओर से आने वाली कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 3 से 6 घंटे की देरी से चल रही हैं। इसके अलावा, गंगानगर डिपो की कई रोडवेज बसें भी घने कोहरे के कारण सुबह देरी से रवाना हुईं, जिससे यात्रियों को बस स्टैंड पर ठिठुरन के बीच लंबा इंतजार करना पड़ा।

शीतलहर का ‘ऑरेंज अलर्ट’ और पारा गिरा

मौसम विभाग (IMD) ने श्रीगंगानगर और आसपास के इलाकों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। विभाग के अनुसार, हिमालयी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों में दिखने लगा है। आज जिले का न्यूनतम तापमान लुढ़क कर 4.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी 48 घंटों में जिले में तीव्र ‘शीतलहर’ (Cold Wave) चलने की संभावना है, जिससे रात के तापमान में और भी गिरावट आ सकती है।

किसानों की बढ़ी चिंता: पाला पड़ने का डर

भीषण ठंड और कोहरे ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। कोहरा जहाँ रबी की फसलों (विशेषकर गेहूं) के लिए फायदेमंद माना जाता है, वहीं ‘पाला’ (Frost) पड़ने की आशंका ने सरसों और सब्जी की फसलों के लिए खतरा पैदा कर दिया है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों को पाले से बचाने के लिए खेतों की मेड़ों पर धुआं करें और हल्की सिंचाई का सहारा लें।

प्रशासन की तैयारी और स्वास्थ्य सलाह

कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन रैन बसेरों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटा है ताकि बेघर लोगों को राहत मिल सके। स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी कर बुजुर्गों और बच्चों को सुबह-शाम की ठंड से बचने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि कोहरे के कारण अस्थमा और हृदय रोगियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, इसलिए गर्म कपड़ों का उपयोग करें और बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।

आगामी कुछ दिनों तक श्रीगंगानगर वासियों को इस ‘सफेद अंधेरे’ और कड़ाके की ठंड से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। सूरज के दर्शन भी दोपहर बाद ही होने की संभावना है, जिससे दिन के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की जाएगी।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️