
श्रीगंगानगर। राजस्थान का “धान का कटोरा” कहा जाने वाला श्रीगंगानगर जिला इन दिनों भीषण शीत लहर और घने कोहरे की चपेट में है। आज, 29 जनवरी 2026 को भी सुबह की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई, जिसने जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहाँ की ठंड मैदानी इलाकों की तुलना में कहीं अधिक चुभने वाली महसूस हो रही है।
विजिबिलिटी (दृश्यता) शून्य के करीब: सड़कों पर रेंगते वाहन
आज सुबह स्थिति यह थी कि विजिबिलिटी मात्र 10 से 20 मीटर तक रह गई थी। घने कोहरे के कारण सूरतगढ़ रोड, पदमपुर रोड और हनुमानगढ़ रोड पर चलने वाले वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हाईवे पर ट्रक और बसें दिन के उजाले में भी अपनी हेडलाइट्स और फॉग लाइट्स जलाकर रेंगते हुए नजर आए। कोहरे के कारण लंबी दूरी की कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 2 से 4 घंटे की देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को रेलवे स्टेशनों पर ठिठुरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
तापमान का गणित: 8 डिग्री पर अटका पारा
मौसम विभाग (IMD) से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, श्रीगंगानगर में आज का न्यूनतम तापमान 8 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। हालांकि, बर्फीली हवाओं के कारण ‘फील लाइक’ (महसूस होने वाला) तापमान इससे भी कम रहा।
नोट: श्रीगंगानगर अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण गर्मियों में जितना तपता है, सर्दियों में यहाँ का पारा अक्सर जमाव बिंदु (0°C) के करीब पहुंच जाता है। आज की ठंड ने पिछले कई दिनों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
दोपहर की धूप ने दी मामूली राहत
सुबह 11 बजे तक कोहरे का साम्राज्य बना रहा, लेकिन दोपहर होते-होते आसमान साफ हुआ और हल्की धूप निकली। इस धूप ने ठिठुरते लोगों को थोड़ी राहत जरूर दी, लेकिन यह राहत अस्थायी साबित हुई। सूरज ढलने के साथ ही एक बार फिर ठंडी हवाएं चलने लगी हैं, जिससे शाम होते ही बाजारों में सन्नाटा पसरने लगा है। लोग अलाव (आग) के सहारे सर्दी को मात देने की कोशिश कर रहे हैं।
खेती और आम जनजीवन पर प्रभाव
-
किसानों के लिए वरदान: कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह कड़ाके की ठंड और कोहरा गेहूं और सरसों की फसल के लिए किसी अमृत से कम नहीं है। कोहरे से मिलने वाली नमी और कम तापमान से फसल की पैदावार में सुधार होता है।
-
मजदूर वर्ग पर मार: रोज कमाने-खाने वाले मजदूरों और रिक्शा चालकों के लिए यह मौसम मुसीबत बनकर आया है। ठंड के कारण काम के घंटे कम हो गए हैं।
-
स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी: जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बुजुर्गों और बच्चों को सांस संबंधी बीमारियों से बचने के लिए सुबह-शाम घर के अंदर रहने की सलाह दी है।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, आगामी 48 घंटों में उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवाओं का असर और बढ़ेगा। आने वाले दो-तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट आ सकती है, जिससे ‘पाले’ (Frost) की स्थिति बन सकती है। प्रशासन ने रैन बसेरों में पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं ताकि बेघर लोगों को इस जानलेवा ठंड से बचाया जा सके।