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श्रीगंगानगर में किसानों का हुंकार: ऋण माफी और फाइलों के स्थानांतरण को लेकर कलेक्ट्रेट पर भारी प्रदर्शन

श्रीगंगानगर। कृषि प्रधान जिला श्रीगंगानगर एक बार फिर किसान आंदोलन की गूंज से दहल उठा है। आज, 9 फरवरी 2026 को बड़ी संख्या में किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर उग्र प्रदर्शन किया। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और झंडों के साथ पहुंचे किसानों ने सरकार और बैंक प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन का मुख्य केंद्र ऋण माफी और कानूनी प्रक्रियाओं में आ रही जटिलताएं रहीं, जिसने किसानों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है।


प्रमुख मांग: DRT कोर्ट की फाइलों का मुद्दा

प्रदर्शनकारी किसानों की सबसे प्रमुख और तकनीकी मांग ऋण वसूली न्यायाधिकरण (DRT) कोर्ट से जुड़ी है। किसानों का कहना है कि उनके किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण से संबंधित मुकदमों की फाइलें वर्तमान में जयपुर स्थित DRT कोर्ट में लंबित हैं।

किसानों के प्रतिनिधियों ने बताया कि एक छोटे किसान के लिए अपने केस की पैरवी करने हेतु बार-बार जयपुर जाना आर्थिक और शारीरिक रूप से संभव नहीं है। उनकी मांग है कि:

  1. इन सभी फाइलों को जयपुर से स्थानांतरित कर श्रीगंगानगर मंगवाया जाए।

  2. स्थानीय स्तर पर ही इन मामलों की सुनवाई हो ताकि किसान अपना पक्ष मजबूती से रख सकें।

ब्याज माफी और मुकदमों की वापसी पर अड़े किसान

ऋण के बोझ तले दबे किसानों ने ‘ब्याज माफी योजना’ को कड़ाई से लागू करने की मांग की है। किसानों का आरोप है कि बैंक अधिकारी उन पर पुराने कर्ज को लेकर दबाव बना रहे हैं और अदालती मुकदमों के जरिए उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक पुराने मुकदमों को वापस नहीं लिया जाता और ब्याज में पूर्ण छूट नहीं दी जाती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

पुलिस के साथ झड़प और तनाव का माहौल

दोपहर के समय जब किसान कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, तब वहां तैनात भारी पुलिस बल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच तीखी बहस और हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित किसान सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। प्रशासन की ओर से उपखंड अधिकारी (SDM) ने मौके पर पहुंचकर किसानों का ज्ञापन लिया और उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।

प्रशासन को अल्टीमेटम: ‘बड़े आंदोलन की तैयारी’

किसान नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यह प्रदर्शन महज एक ‘ट्रेलर’ है। यदि अगले सात दिनों के भीतर फाइलों को श्रीगंगानगर स्थानांतरित करने और ऋण माफी पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो पूरे जिले में चक्का जाम किया जाएगा। किसानों ने साफ कर दिया है कि वे अब कोरे आश्वासनों से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं।


निष्कर्ष

श्रीगंगानगर के किसानों का यह आक्रोश जिला प्रशासन और राज्य सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। एक तरफ जहां बैंक अपनी वसूली की प्रक्रिया पूरी करना चाहते हैं, वहीं दूसरी तरफ लागत बढ़ने और फसलों के उचित दाम न मिलने से किसान कर्ज के दुष्चक्र में फंसा हुआ है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस “फाइल ट्रांसफर” और “ब्याज माफी” की गुत्थी को कैसे सुलझाती है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️