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श्रीगंगानगर में कांग्रेस की हुंकार: 9 मार्च को जुटेगी किसानों की महापंचायत, राहुल गांधी और खड़गे भरेंगे जोश

श्रीगंगानगर। सरहदी जिले श्रीगंगानगर की ‘नई अनाज मंडी’ एक बार फिर ऐतिहासिक राजनीतिक घटनाक्रम का गवाह बनने जा रही है। आगामी 9 मार्च, 2026 को कांग्रेस पार्टी यहाँ एक विशाल ‘किसान महापंचायत’ का आयोजन करने जा रही है। इस महापंचायत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एक साथ मंच साझा करेंगे।

जिला कांग्रेस कमेटी ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और प्रारंभिक तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी गई हैं।

महापंचायत का मुख्य एजेंडा: व्यापार नीतियां और MSP

इस महापंचायत का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की हालिया व्यापार नीतियों और किसानों की लंबे समय से चली आ रही न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी वाली मांगों को मजबूती से उठाना है। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि वर्तमान नीतियां किसान विरोधी हैं और इससे बिचौलियों को अधिक लाभ मिल रहा है।

राहुल गांधी इस मंच से ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के अपने अनुभवों को साझा करते हुए किसानों के साथ हो रहे ‘अन्याय’ पर सीधा प्रहार कर सकते हैं। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे राष्ट्रीय स्तर पर किसानों को एकजुट करने और आने वाले चुनावों के लिए एक ठोस रणनीति तैयार करने का आह्वान करेंगे।

श्रीगंगानगर ही क्यों?

श्रीगंगानगर को राजस्थान का ‘अन्न भंडार’ कहा जाता है। यहाँ का किसान राजनीति में अत्यधिक सक्रिय है और किसी भी बड़े आंदोलन की शुरुआत अक्सर इसी धरती से होती है। चाहे वह नहरबंदी का मुद्दा हो या कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन, श्रीगंगानगर ने हमेशा नेतृत्व किया है। कांग्रेस इसी ‘किसान शक्ति’ को पुनर्जीवित कर राज्य और केंद्र सरकार को कड़ा संदेश देना चाहती है।

जिला कांग्रेस कमेटी की तैयारियां

जिला अध्यक्ष और स्थानीय कांग्रेस विधायकों ने अनाज मंडी का दौरा कर आयोजन स्थल की रूपरेखा तैयार की है।

  • भीड़ जुटाने का लक्ष्य: जिला कमेटी ने श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर संभाग से लगभग 2 से 3 लाख किसानों को जुटाने का लक्ष्य रखा है।

  • गांव-गांव संपर्क: इसके लिए ब्लॉक स्तर पर कमेटियां बनाई गई हैं जो गांव-गांव जाकर किसानों को पीले चावल बाँटकर आमंत्रित कर रही हैं।

  • सुरक्षा और व्यवस्था: इतने बड़े जमावड़े को देखते हुए मंडी परिसर में वाटरप्रूफ डोम, पार्किंग और पेयजल की व्यवस्था के लिए प्रशासन के साथ समन्वय किया जा रहा है।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

इस महापंचायत की घोषणा के बाद से ही भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस इस आयोजन के जरिए राजस्थान में अपना खोया हुआ जनाधार वापस पाने की कोशिश कर रही है। खासकर सिंचाई पानी और उर्वरक की कमी जैसे मुद्दों पर घिरी राज्य सरकार के लिए यह रैली एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।

स्थानीय किसान नेता का कहना है: > “हमें किसी पार्टी से मतलब नहीं है, हमें हमारी फसलों के दाम और सिंचाई के लिए पानी चाहिए। अगर राहुल गांधी और खड़गे हमारे मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाते हैं, तो किसान उनके साथ खड़ा होगा।”

निष्कर्ष

9 मार्च की यह महापंचायत केवल एक भाषणबाजी का मंच नहीं, बल्कि राजस्थान की भविष्य की राजनीति की दिशा तय करने वाला पड़ाव साबित हो सकती है। यदि कांग्रेस किसानों को यह विश्वास दिलाने में सफल रहती है कि वह उनकी सच्ची हितैषी है, तो यह आने वाले समय में पार्टी के लिए ‘संजीवनी’ का काम करेगी।

अब सबकी नजरें नई अनाज मंडी के उस मंच पर टिकी हैं, जहाँ से राहुल गांधी और खड़गे किसानों के हक की आवाज बुलंद करेंगे।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️