
राजस्थान का उत्तरी छोर, श्रीगंगानगर, इन दिनों भीषण शीत लहर (Cold Wave) की चपेट में है। जनवरी की शुरुआत के साथ ही जिले में मौसम के तेवर बेहद सख्त हो गए हैं। कड़ाके की ठंड, हाड़ कंपाने वाली बर्फीली हवाओं और घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
प्रशासन का फैसला: आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टियां
जिला कलेक्टर के आदेशानुसार, श्रीगंगानगर जिले के समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में 2 जनवरी से 10 जनवरी 2026 तक अवकाश घोषित कर दिया गया है। छोटे बच्चों में ठंड के कारण निमोनिया और श्वास संबंधी बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। हालांकि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को केंद्र से जुड़े प्रशासनिक कार्यों और रिपोर्टिंग के लिए उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन बच्चों के लिए केंद्र पूरी तरह बंद रहेंगे।
मौसम की स्थिति और ‘ऑरेंज अलर्ट’
मौसम विभाग (IMD) ने श्रीगंगानगर और आसपास के इलाकों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। वर्तमान में जिले की स्थिति निम्नलिखित कारकों के कारण चिंताजनक बनी हुई है:
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दृश्यता (Visibility): घने कोहरे के कारण दृश्यता गिरकर 50 मीटर से भी कम रह गई है। इसके चलते राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों की गति थम गई है और लंबी दूरी की ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटे देरी से चल रही हैं।
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न्यूनतम तापमान: रात का पारा लगातार गिर रहा है, जिससे कई इलाकों में पाला (Frost) जमने की स्थिति पैदा हो गई है। बर्फीली हवाओं ने ठिठुरन को कई गुना बढ़ा दिया है।
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जनजीवन पर प्रभाव: सुबह के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। लोग केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। अलाव (Bonfire) ही अब लोगों के लिए एकमात्र सहारा बना हुआ है।
स्वास्थ्य पर प्रभाव और बचाव के उपाय
इस तरह की भीषण ठंड केवल बच्चों के लिए ही नहीं, बल्कि बुजुर्गों और हृदय रोगियों के लिए भी खतरनाक साबित हो सकती है। चिकित्सा विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि:
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परतदार कपड़े पहनें: एक भारी कपड़े के बजाय कई पतली परतों वाले ऊनी कपड़े पहनना अधिक प्रभावी होता है।
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कोहरे में वाहन चलाने से बचें: यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो फॉग लाइट्स का उपयोग करें और गति अत्यंत धीमी रखें।
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खान-पान: गर्म तरल पदार्थों का सेवन करें और शरीर को हाइड्रेटेड रखें।
कृषि पर असर
श्रीगंगानगर, जिसे ‘राजस्थान का अन्न भंडार’ कहा जाता है, वहां के किसानों के लिए यह ठंड दोहरी चुनौती लेकर आई है। जहां एक ओर यह सर्दी गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, वहीं दूसरी ओर सरसों और सब्जियों की फसलों पर ‘पाले’ (Frost) का खतरा मंडरा रहा है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों को पाले से बचाने के लिए शाम के समय हल्की सिंचाई करें या खेतों की मेड़ों पर धुआं करें।
निष्कर्ष
आने वाले कुछ दिनों तक राहत की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। प्रशासन की ओर से रैन बसेरों (Shelter Homes) में पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि बेघर लोगों को इस जानलेवा ठंड से बचाया जा सके। श्रीगंगानगर के निवासियों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और सुरक्षित रहें।