
श्रीगंगानगर। राजस्थान के सबसे उत्तरी जिले श्रीगंगानगर में सर्दी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। 10 दिसंबर को जिले के मौसम में एक बड़ा बदलाव दर्ज किया गया, जिसने जनजीवन की रफ्तार को धीमा कर दिया है। हिमालय की ओर से आ रही ठंडी उत्तरी हवाओं और मैदानी इलाकों में नमी के कारण पूरा जिला भीषण ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिन जिलेवासियों के लिए और भी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
पारे में गिरावट: 4 डिग्री तक लुढ़का न्यूनतम तापमान
बुधवार को श्रीगंगानगर में कड़ाके की ठंड महसूस की गई। जिले के विभिन्न हिस्सों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री से 6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान में भी गिरावट आई है, जिससे दिन के समय भी लोगों को धूप में गर्माहट महसूस नहीं हो रही है। लोग सुबह-शाम अलाव जलाकर ठंड से बचने का जतन करते नजर आए। ग्रामीण इलाकों में, जहां खुले खेत हैं, वहां ठंड का असर शहरी क्षेत्रों की तुलना में कहीं अधिक देखा जा रहा है।
घने कोहरे का कहर: ‘जीरो विजिबिलिटी’ जैसे हालात
सुबह के समय जिले की सड़कों पर घने कोहरे (Dense Fog) का राज रहा। आलम यह था कि सुबह 8 बजे तक मुख्य मार्गों पर दृश्यता (Visibility) 20 से 50 मीटर तक ही रह गई थी।
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यातायात पर असर: कोहरे के कारण श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ हाईवे और श्रीगंगानगर-बीकानेर नेशनल हाईवे पर वाहनों की गति बेहद धीमी रही। वाहन चालक हेडलाइट्स और इंडिकेटर्स जलाकर रेंगते हुए आगे बढ़ते दिखे।
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रेलवे और बसें: लंबी दूरी की बसें और ट्रेनें भी कोहरे के कारण अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को घंटों स्टेशनों पर इंतजार करना पड़ रहा है।
[Image showing a highway shrouded in dense fog with vehicle headlights visible]
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के अनुसार, उत्तर भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसका सीधा असर राजस्थान के सीमावर्ती जिलों, विशेषकर श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ पर पड़ेगा।
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मावट की संभावना: आगामी दिनों में आसमान में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी या ‘मावट’ होने की संभावना है।
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शीतलहर (Cold Wave): यदि बारिश होती है, तो उसके तुरंत बाद चलने वाली ठंडी हवाएं ‘शीतलहर’ की स्थिति पैदा कर देंगी, जिससे पारा और भी नीचे जा सकता है।
खेती-किसानी पर प्रभाव: वरदान या अभिशाप?
मौसम का यह बदलाव किसानों के लिए मिश्रित परिणाम लेकर आया है:
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गेहूं और सरसों के लिए फायदेमंद: कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान में पड़ रही ठंड गेहूं, सरसों और चने की फसल के लिए ‘अमृत’ के समान है। कड़ाके की ठंड से फसलों में फुटाव अच्छा होता है और दाना मजबूत बनता है।
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सब्जियों को खतरा: हालांकि, यदि तापमान जमाव बिंदु (Freezing point) के पास पहुंचता है और पाला गिरता है, तो टमाटर, मिर्च और अन्य मौसमी सब्जियों को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
स्वास्थ्य सलाह और प्रशासन की तैयारी
ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए चिकित्सा विभाग ने बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। हृदय रोगियों और अस्थमा के मरीजों को सुबह की सैर से बचने और गर्म कपड़ों का उचित उपयोग करने को कहा गया है। वहीं, जिला प्रशासन ने रैन बसेरों में पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं ताकि बेघर लोगों को इस हाड़ कंपा देने वाली ठंड से बचाया जा सके।