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श्रीगंगानगर में ‘आसमान से बरस रही आग’: 43°C के साथ लू का ‘येलो अलर्ट’ जारी

श्रीगंगानगर: राजस्थान का सीमावर्ती जिला श्रीगंगानगर एक बार फिर अपनी पुरानी पहचान यानी ‘देश के सबसे गर्म शहरों’ की सूची में शामिल होने की ओर अग्रसर है। आज, 11 मई 2026 को जिले में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का जबरदस्त प्रकोप देखा गया। सोमवार को सूर्यदेव के तीखे तेवरों ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है।


तापमान का गणित: 43 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा पारा

सोमवार सुबह 9 बजे से ही सूरज की किरणों में चुभन महसूस होने लगी थी। जैसे-जैसे घड़ी की सुइयां आगे बढ़ीं, गर्म हवाओं के थपेड़ों ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार, आज श्रीगंगानगर का अधिकतम तापमान 43°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से कई डिग्री अधिक है।

न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रातें भी अब गर्म होने लगी हैं। उमस और लू के मेल ने कूलर और पंखों को भी बेअसर करना शुरू कर दिया है।

सड़कों पर ‘कर्फ्यू’ जैसा सन्नाटा

दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच शहर की मुख्य सड़कों, जैसे गोल बाजार, सुखाड़िया सर्कल और पब्लिक पार्क क्षेत्र में सन्नाटा पसरा रहा। ऐसा लग रहा था मानो शहर में अघोषित ‘गर्मी का कर्फ्यू’ लगा हो।

  • व्यापार पर असर: भीषण गर्मी के कारण बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही न के बराबर रही। व्यापारियों का कहना है कि लोग शाम ढलने के बाद ही घरों से बाहर निकलना पसंद कर रहे हैं।

  • यातायात: दुपहिया वाहन चालकों के लिए सड़क पर चलना किसी चुनौती से कम नहीं था। गर्म हवा के थपेड़ों से बचने के लिए लोग चेहरों को स्कार्फ और हेलमेट से ढके नजर आए।

ठंडे पेय पदार्थों की शरण में लोग

गर्मी से फौरी राहत पाने के लिए लोग सड़कों के किनारे लगे गन्ने के रस, शिकंजी, बेल के शरबत और मिट्टी के घड़ों (मटकों) की दुकानों पर भीड़ लगाए दिखे। तरबूज और खरबूजे जैसे मौसमी फलों की मांग में भी भारी उछाल आया है। इसके साथ ही, पशु-पक्षियों के लिए भी यह समय काफी कठिन साबित हो रहा है; सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह परिंडे और पानी की टंकियां रखवाई हैं।

मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी: हीटवेव का अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने श्रीगंगानगर सहित पूरे संभाग में ‘हीटवेव’ (लू) का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से आने वाली गर्म और शुष्क पश्चिमी हवाओं ने तापमान में यह अचानक वृद्धि की है। आने वाले 2-3 दिनों तक राहत की कोई उम्मीद नहीं है और पारा 45°C को भी छू सकता है।

स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी: क्या करें और क्या न करें?

जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों ने इस भीषण गर्मी को देखते हुए नागरिकों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है:

  1. हाइड्रेशन: दिन भर में कम से कम 4-5 लीटर पानी पिएं। ओआरएस (ORS), लस्सी और नींबू पानी का सेवन करें।

  2. वस्त्र: बाहर निकलते समय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर को ढक कर रखें।

  3. भोजन: खाली पेट घर से बाहर न निकलें और बासी भोजन से परहेज करें।

  4. लक्षणों की पहचान: यदि सिरदर्द, चक्कर आना, तेज बुखार या उल्टी जैसा महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें; यह ‘सन स्ट्रोक’ या लू लगने के लक्षण हो सकते हैं।

बिजली की बढ़ती मांग और संकट

गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में बिजली की खपत में भी रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी हुई है। एयर कंडीशनर (AC) के लगातार चलने से ट्रांसफार्मर पर लोड बढ़ गया है, जिसके कारण कई इलाकों में अघोषित बिजली कटौती और ट्रिपिंग की समस्या सामने आ रही है। इससे आम जनमानस की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं।

निष्कर्ष: श्रीगंगानगर के निवासियों के लिए मई का यह महीना अग्निपरीक्षा की तरह है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बहुत जरूरी होने पर ही दोपहर के समय बाहर निकलें। फिलहाल, सभी की निगाहें आसमान की ओर हैं, इस उम्मीद में कि कोई ‘पश्चिमी विक्षोभ’ आए और इस तपिश से थोड़ी राहत दिलाए।


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