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श्रीगंगानगर में अपराध और हादसे का साया: चोरी की बड़ी वारदात और औद्योगिक दुर्घटना

28 फरवरी 2026 की सुबह श्रीगंगानगर जिले के लिए दुखद और सनसनीखेज खबरों के साथ शुरू हुई। एक ओर जहाँ सीमावर्ती जिले के राजियासर क्षेत्र में एक बड़ी चोरी ने पुलिस की गश्त और सुरक्षा दावों पर सवालिया निशान लगा दिए, वहीं दूसरी ओर रीको इंडस्ट्रियल एरिया में एक दर्दनाक हादसे ने एक श्रमिक की जान ले ली। इन दोनों घटनाओं ने स्थानीय निवासियों और श्रमिक वर्ग के बीच असुरक्षा और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।


1. रायांवाली में 35 लाख की सनसनीखेज चोरी: सुनार की दुकान साफ

शनिवार तड़के राजियासर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रायांवाली गांव में चोरों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने एक प्रतिष्ठित सुनार की दुकान को निशाना बनाया और वहाँ से करीब 35 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और नकद राशि पार कर दी।

वारदात का तरीका: प्राप्त जानकारी के अनुसार, चोरों ने दुकान के पीछे के हिस्से या शटर के ताले तोड़कर प्रवेश किया। चोरों ने बड़ी चतुराई से सीसीटीवी कैमरों के साथ छेड़छाड़ की और डीवीआर (DVR) भी अपने साथ ले गए ताकि उनकी पहचान न हो सके। सुबह जब दुकान मालिक अपनी दुकान खोलने पहुँचा, तो टूटे हुए ताले और खाली तिजोरी देखकर उसके होश उड़ गए।

पुलिस की कार्रवाई: घटना की सूचना मिलते ही राजियासर पुलिस और जिले के उच्चाधिकारी मौके पर पहुँचे। एफएसएल (FSL) की टीम और डॉग स्क्वायड को भी साक्ष्य जुटाने के लिए बुलाया गया। जिला पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमों का गठन किया है जो संदिग्धों की तलाश में आसपास के गांवों और सीसीटीवी फुटेज (अन्य दुकानों के) खंगाल रही है। व्यापारियों ने इस घटना के विरोध में रोष जताया है और जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।


2. रीको उद्योग विहार में हादसा: बायो-फ्यूल फैक्ट्री में श्रमिक की मौत

दूसरी दुखद खबर हनुमानगढ़ मार्ग पर स्थित रीको उद्योग विहार से आई है। यहाँ एक बायो-फ्यूल (जैव ईंधन) बनाने वाली फैक्ट्री में शनिवार को काम के दौरान एक भीषण दुर्घटना घटित हुई।

हादसे का विवरण: जानकारी के अनुसार, 50 वर्षीय श्रमिक फैक्ट्री में मशीनरी के पास काम कर रहा था। काम के दौरान अचानक वह किसी तकनीकी खराबी या संतुलन बिगड़ने के कारण मशीन की चपेट में आ गया। श्रमिक को गंभीर अवस्था में तुरंत पास के निजी अस्पताल ले जाया गया और बाद में राजकीय जिला अस्पताल रेफर किया गया। दुर्भाग्यवश, अत्यधिक रक्तस्राव और गहरी चोटों के कारण इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

सुरक्षा मानकों पर सवाल: इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में श्रमिक सुरक्षा मानकों (Safety Norms) की पोल खोल दी है। मृतक के परिजनों और साथी श्रमिकों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और फैक्ट्री मालिक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। श्रम विभाग को भी इस घटना की रिपोर्ट भेजी गई है ताकि यह जांचा जा सके कि क्या वहां सुरक्षा उपकरणों (जैसे हेलमेट, दस्ताने या गार्ड रेल) का अभाव था।


निष्कर्ष और समाज पर प्रभाव

ये दोनों घटनाएं श्रीगंगानगर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौतियां पेश करती हैं। जहाँ एक ओर चोरी की वारदात ने पुलिस की रात्रिकालीन गश्त पर सवाल उठाए हैं, वहीं फैक्ट्री हादसे ने औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले हजारों मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रायांवाली के व्यापारी अब रात के समय अतिरिक्त सुरक्षा की मांग कर रहे हैं, जबकि श्रमिक संगठन औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा और सुरक्षा किट की उपलब्धता के लिए आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️