
श्रीगंगानगर, 1 मार्च 2026: राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में सुरक्षा एजेंसियों ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हासिल की है। अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास रावला क्षेत्र के गांव खानूवाली में पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के संयुक्त अभियान के दौरान 1 किलो उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन बरामद की गई है। इस खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 5 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
ऑपरेशन का विवरण और बरामदगी
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, सीमा पार से संदिग्ध गतिविधियों और ड्रोन की आवाज सुनने के बाद सुरक्षा बल अलर्ट मोड पर थे। खुफिया जानकारी के आधार पर BSF की ‘जी’ शाखा और स्थानीय पुलिस ने खानूवाली गांव के आसपास के खेतों में एक गहन सर्च ऑपरेशन चलाया।
काफी मशक्कत के बाद, जवानों को एक खेत में पीले रंग के टेप से लिपटा हुआ एक संदिग्ध पैकेट मिला। जब विशेषज्ञ टीमों ने इसकी जांच की, तो उसमें से करीब 1 किलो हेरोइन बरामद हुई। प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि इस खेप को पाकिस्तानी तस्करों द्वारा ड्रोन (UAV) के जरिए भारतीय सीमा में गिराया गया था। तस्करों का इरादा इस नशीले पदार्थ को भारतीय रिसीवरों तक पहुँचाना था, जो इसे पंजाब और देश के अन्य हिस्सों में सप्लाई करने वाले थे।
ड्रोन: तस्करी का नया और घातक हथियार
पिछले कुछ समय से श्रीगंगानगर और अनूपगढ़ जिलों में ड्रोन के जरिए तस्करी की घटनाओं में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। तस्कर अब सीधे घुसपैठ करने के बजाय तकनीक का सहारा ले रहे हैं।
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सटीकता: ड्रोन के जरिए खेप को जीपीएस लोकेशन के आधार पर बिल्कुल सटीक स्थान पर गिराया जाता है।
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जोखिम कम: इसमें तस्करों को स्वयं सीमा पार करने की आवश्यकता नहीं होती, जिससे उनके पकड़े जाने या मारे जाने का खतरा कम रहता है।
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रात का फायदा: ये ड्रोन आमतौर पर रात के अंधेरे में उड़ाए जाते हैं, जिससे इन्हें आंखों से देखना मुश्किल होता है।
सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी और हाई अलर्ट
इस घटना के बाद श्रीगंगानगर की पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. अमृता दुहन ने सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्त तेज करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस और BSF अब उन स्थानीय संपर्कों (Linkers) की तलाश कर रही है, जिन्हें यह खेप उठानी थी। पुलिस ने आसपास के गांवों के ‘विलेज डिफेंस कमेटी’ (VDC) के सदस्यों को भी सक्रिय कर दिया है।
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि होली के आगामी त्यौहार के मद्देनजर सीमा पार से इस तरह की तस्करी के प्रयासों में तेजी आने की आशंका है। इसी कारण पूरे रावला, घड़साना और रायसिंहनगर बेल्ट में ‘हाई अलर्ट’ जारी कर दिया गया है।
सामाजिक प्रभाव और प्रशासन की अपील
नशे की यह खेप न केवल एक अपराध है, बल्कि यह क्षेत्र की युवा पीढ़ी के लिए एक बड़ा खतरा भी है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि उन्हें रात के समय आसमान में किसी भी प्रकार की रोशनी या गुनगुनाहट (ड्रोन की आवाज) सुनाई दे, तो वे तुरंत स्थानीय पुलिस थाने या BSF की चौकी पर सूचना दें।
“हम तकनीक और मुखबिर तंत्र के जरिए इन तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सीमा पर सुरक्षा चक्र इतना मजबूत है कि दुश्मन के नापाक इरादे कभी सफल नहीं होंगे।” — एक वरिष्ठ BSF अधिकारी