
श्रीगंगानगर। जिला मुख्यालय स्थित कोर्ट परिसर में आज एक गरिमामय समारोह के साथ श्रीगंगानगर बार संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का आधिकारिक शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। हाल ही में संपन्न हुए वार्षिक चुनावों के बाद चुनी गई नई कार्यकारिणी ने आज से अपना कार्यभार संभाल लिया है। इस कार्यक्रम ने न केवल अधिवक्ताओं के उत्साह को दर्शाया, बल्कि न्यायपालिका और बार के बीच मजबूत समन्वय का संदेश भी दिया।
न्यायविदों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
समारोह की शुरुआत मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुई। इस अवसर पर स्थानीय न्यायिक सेवा के अधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता और बार संघ के पूर्व पदाधिकारी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में जिले भर से आए सैकड़ों वकीलों ने हिस्सा लिया, जिससे पूरा बार भवन खचाखच भरा नजर आया। वरिष्ठ वकीलों ने अपने संबोधन में नई टीम को बधाई दी और उन्हें पेशे की मर्यादा बनाए रखने की सीख दी।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष और टीम का शपथ ग्रहण
मुख्य चुनाव अधिकारी ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष और कार्यकारिणी सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के दौरान पूरा परिसर ‘वकील एकता जिंदाबाद’ के नारों से गूंज उठा। नवनियुक्त अध्यक्ष ने अपनी टीम की ओर से विश्वास दिलाया कि वे अधिवक्ताओं के मान-सम्मान और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।
कार्यकारिणी के मुख्य संकल्प और प्राथमिकताएं
शपथ लेने के बाद अपने पहले संबोधन में नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने भविष्य की कार्ययोजना और प्राथमिकताओं को साझा किया। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:
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अधिवक्ता कल्याण: युवा वकीलों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था (चेंबर), पुस्तकालय का आधुनिकीकरण और चिकित्सा सहायता कोष को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
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न्यायिक सुलभता: आम जनता के लिए न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाना। मुकदमों के त्वरित निस्तारण में सहयोग करना ताकि वादियों को समय पर न्याय मिल सके।
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डिजिटलीकरण: बार संघ के कार्यों को डिजिटल बनाने और कानूनी शोध के लिए ऑनलाइन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
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सुरक्षा और सम्मान: अदालती परिसर में अधिवक्ताओं की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए ‘एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट’ जैसी मांगों को मजबूती से उठाना।
बार और बेंच के बीच मधुर संबंध
समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि समाज में न्याय की स्थापना के लिए ‘बार’ (वकील) और ‘बेंच’ (न्यायाधीश) एक ही रथ के दो पहिए हैं। नई कार्यकारिणी ने संकल्प लिया कि वे न्यायिक अधिकारियों के साथ मिलकर एक ऐसा वातावरण तैयार करेंगे जिससे आम नागरिक का न्यायपालिका पर विश्वास और अधिक दृढ़ हो।
समारोह का समापन
कार्यक्रम के अंत में नवनिर्वाचित सचिव ने सभी आगंतुकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। शपथ ग्रहण के पश्चात सभी सदस्यों के लिए प्रीतिभोज का आयोजन भी किया गया, जहाँ वकीलों ने आपस में मेल-मिलाप किया और नई टीम को उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।
निष्कर्ष: श्रीगंगानगर बार संघ का यह नया कार्यकाल अधिवक्ताओं के लिए नई उम्मीदें लेकर आया है। अब देखना यह होगा कि नई टीम अपने द्वारा किए गए वादों और संकल्पों को धरातल पर किस तरह उतारती है।