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श्रीगंगानगर पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक: नशे की बड़ी खेप बरामद

श्रीगंगानगर जिला, जो लंबे समय से नशीली दवाओं की तस्करी (Drug Trafficking) की चुनौती से जूझ रहा है, वहां आज पुलिस ने तस्करों की कमर तोड़ दी है। जिले के विशेष पुलिस दल (DST) और स्थानीय थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 90,000 से अधिक प्रतिबंधित प्रीगाबालिन (Pregabalin) कैप्सूल/टैबलेट बरामद किए गए हैं।

कैसे हुई कार्रवाई?

पुलिस को मुखबिर के जरिए गुप्त सूचना मिली थी कि हरियाणा की सीमा से सटे रास्तों से भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाओं की खेप जिले में प्रवेश करने वाली है। इस सूचना पर पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देशानुसार नाकाबंदी की गई। संदिग्ध लगने पर जब दो लक्जरी कारों को रोका गया, तो उनमें बैठे लोग घबराने लगे। सघन तलाशी के दौरान कार की डिक्की और सीटों के नीचे छुपाकर रखे गए कई कार्टन बरामद हुए, जिनमें ये प्रतिबंधित दवाएं भरी हुई थीं।

नशे का नया ट्रेंड: प्रीगाबालिन (Pregabalin)

पकड़ी गई दवा, प्रीगाबालिन, मूल रूप से नसों के दर्द (Neuropathic Pain) के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाती है। लेकिन हाल के वर्षों में नशेड़ी इसका उपयोग ‘सस्ते नशे’ के तौर पर करने लगे हैं। इसे ऊंचे दामों पर बेचकर तस्कर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, जब्त की गई 90 हजार टैबलेट की बाजार कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।

आरोपी और तस्करी का नेटवर्क

पुलिस ने मौके से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:

  • सप्लाई रूट: यह खेप बाहरी राज्यों से लाई गई थी और इसका उद्देश्य रायसिंहनगर और श्रीविजयनगर जैसे ग्रामीण इलाकों के छोटे तस्करों तक पहुंचाना था।

  • टारगेट ऑडियंस: तस्करों का मुख्य निशाना स्कूल-कॉलेज जाने वाले युवा और दिहाड़ी मजदूर हैं।

  • गिरोह का जाल: पकड़े गए आरोपी महज ‘कूरियर’ (ढोने वाले) हैं। पुलिस अब उस ‘किंगपिन’ या मुख्य सप्लायर की तलाश कर रही है जिसने इस पूरी डील को फंड किया था।

पुलिस की चेतावनी और आगामी कदम

श्रीगंगानगर पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ उनकी ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति जारी रहेगी। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल कॉल डिटेल्स की जांच कर रही है ताकि तस्करी के इस पूरे वित्तीय नेटवर्क (Financial Linkages) को ध्वस्त किया जा सके।

इसके साथ ही, औषधि नियंत्रण विभाग (Drug Control Department) को भी सूचना दी गई है ताकि वे स्थानीय मेडिकल स्टोर्स पर भी कड़ी निगरानी रखें, क्योंकि कई बार इन दवाओं की बिक्री बिना डॉक्टर के पर्चे के चोरी-छिपे की जाती है।


नोट: नशा न केवल स्वास्थ्य को बर्बाद करता है, बल्कि पूरे परिवार को आर्थिक और सामाजिक रूप से तोड़ देता है। यदि आपको अपने आस-पास किसी भी प्रकार की संदिग्ध नशे की गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️