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श्रीगंगानगर पुलिस की बड़ी कामयाबी: पंजाब से तस्करी कर लाई जा रही हेरोइन जब्त, 4 तस्कर गिरफ्तार

श्रीगंगानगर। राजस्थान का सीमावर्ती जिला श्रीगंगानगर लंबे समय से नशे की तस्करी की मार झेल रहा है, लेकिन जिला पुलिस प्रशासन ने अब तस्करों के खिलाफ कमर कस ली है। इसी कड़ी में आज 12 फरवरी को श्रीगंगानगर पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ एक सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए चार युवकों को भारी मात्रा में हेरोइन के साथ गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह खेप पड़ोसी राज्य पंजाब से राजस्थान की सीमा में प्रवेश कराकर स्थानीय युवाओं को सप्लाई की जानी थी।

गुप्त सूचना और घेराबंदी: कैसे बिछाया गया जाल?

पुलिस के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई एक सटीक मुखबिर की सूचना पर आधारित थी। पुलिस अधीक्षक कार्यालय को सूचना मिली थी कि पंजाब नंबर की एक संदिग्ध गाड़ी में कुछ युवक भारी मात्रा में मादक पदार्थ (हेरोइन) लेकर श्रीगंगानगर की सीमा में दाखिल होने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए जिले के प्रवेश द्वारों और मुख्य सड़कों पर विशेष नाकाबंदी लगा दी।

जब संदिग्ध कार नाके के पास पहुंची, तो पुलिस को देखकर युवकों ने गाड़ी को भगाने की कोशिश की। हालांकि, पहले से सतर्क पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया और उसमें सवार चार युवकों को दबोच लिया।

तलाशी और बरामदगी

गाड़ी की गहन तलाशी लेने पर उसमें छिपाकर रखी गई हेरोइन बरामद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। गिरफ्तार किए गए चारों युवक कम उम्र के हैं और प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि वे पंजाब के ड्रग नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। पुलिस ने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर मादक पदार्थ और तस्करी में इस्तेमाल की गई गाड़ी को जब्त कर लिया है।

नशे का ‘सप्लाई चेन’ और पंजाब कनेक्शन

श्रीगंगानगर और आसपास के इलाकों में नशा तस्करी का ‘पंजाब कनेक्शन’ हमेशा से चिंता का विषय रहा है। तस्कर अक्सर पंजाब के रास्ते हेरोइन और सिंथेटिक ड्रग्स को राजस्थान लाते हैं। पुलिस का मानना है कि पकड़े गए युवक केवल ‘कैरियर’ (माल पहुँचाने वाले) हैं। असली खेल इन नशीले पदार्थों के बड़े सौदागर और सरगना खेलते हैं, जो पर्दे के पीछे रहकर युवाओं को नशे की गर्त में धकेल रहे हैं।

पुलिस की आगामी रणनीति: नेटवर्क का होगा पर्दाफाश

थानाधिकारी ने बताया कि पकड़े गए युवकों से पूछताछ के आधार पर कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस अब निम्नलिखित पहलुओं पर जांच कर रही है:

  1. मुख्य सरगना: पंजाब में यह खेप किसने सौंपी थी?

  2. स्थानीय रिसीवर: श्रीगंगानगर जिले में यह नशा किसे बेचा जाना था?

  3. वित्तीय लेनदेन: नशे के इस कारोबार में पैसों का लेनदेन किस माध्यम से हो रहा है?

पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह केवल एक गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि उस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की शुरुआत है जो सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय है।

सामाजिक प्रभाव और प्रशासन की अपील

श्रीगंगानगर में नशे की बढ़ती लत ने कई परिवारों को तबाह कर दिया है। पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि वे नशे के खिलाफ इस जंग में पुलिस का साथ दें। यदि कहीं भी संदिग्ध गतिविधि या नशे की बिक्री की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।

आज की यह कार्रवाई नशे के सौदागरों के लिए एक सख्त संदेश है कि श्रीगंगानगर पुलिस अब किसी भी सूरत में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को बर्दाश्त नहीं करेगी।

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