
श्रीगंगानगर, 1 जनवरी 2026
नए साल के आगाज के साथ ही श्रीगंगानगर पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। जिले में दहशत का पर्याय बन चुके लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम का सहारा लेकर स्थानीय व्यापारियों और उद्योगपतियों को धमकाने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस कार्रवाई में न केवल गिरोह के तीन मुख्य गुर्गों को गिरफ्तार किया है, बल्कि उनके पास से 91 लाख रुपये की भारी भरकम नकदी भी बरामद की है।
कैसे हुआ इस नेटवर्क का खुलासा?
पिछले कुछ हफ्तों से श्रीगंगानगर के पॉश इलाकों के व्यापारियों और अनाज मंडी के कारोबारियों को विदेशी नंबरों से धमकियां मिल रही थीं। फोन करने वाले खुद को लॉरेंस गैंग का करीबी बताकर करोड़ों की ‘प्रोटेक्शन मनी’ (फिरौती) मांग रहे थे। पैसे न देने पर परिवार को खत्म करने की धमकियां दी जा रही थीं। पुलिस अधीक्षक (SP) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों के जाल के जरिए इस नेटवर्क को ट्रैक करना शुरू किया।
कार्रवाई और बड़ी बरामदगी
पुलिस की विशेष टीम ने शहर के एक गुप्त ठिकाने पर दबिश देकर तीन आरोपियों को धर दबोचा। जांच में सामने आया कि ये अपराधी स्थानीय स्तर पर सूचनाएं जुटाते थे और फिर गैंग का डर दिखाकर वसूली करते थे। बरामद किए गए 91 लाख रुपये हाल ही में एक बड़े बिल्डर और व्यापारी से डरा-धमकाकर वसूले गए थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन, फर्जी सिम कार्ड और अवैध हथियार भी जब्त किए हैं।
गैंग की कार्यप्रणाली: डर का व्यापार
पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि पकड़े गए आरोपी सीधे तौर पर लॉरेंस के संपर्क में थे या केवल उसके नाम का उपयोग कर रहे थे, इसकी गहराई से जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर यह सामने आया है कि ये अपराधी सोशल मीडिया पर गैंगस्टर कल्चर का प्रचार कर युवाओं को गुमराह करते थे और फिर उन्हें फिरौती वसूलने के काम में लगाते थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस रकम का कितना हिस्सा जेलों में बंद गैंगस्टरों या सरहद पार के हैंडलर्स तक पहुँचाया जाना था।
नए साल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है। नए साल के जश्न के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए:
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अतिरिक्त गश्त: शहर के मुख्य चौराहों, होटलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की गश्त दोगुनी कर दी गई है।
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नाकेबंदी: जिले की सीमाओं और पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर सख्त नाकेबंदी की गई है ताकि अपराधियों की आवाजाही रोकी जा सके।
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व्यापारियों को आश्वासन: पुलिस ने स्थानीय व्यापार मंडल के साथ बैठक कर उन्हें पूरी सुरक्षा का भरोसा दिलाया है और किसी भी धमकी भरे कॉल की तुरंत सूचना देने की अपील की है।
निष्कर्ष
श्रीगंगानगर पुलिस की यह कार्रवाई नए साल पर आम जनता और व्यापारियों के बीच विश्वास बहाली का काम करेगी। 91 लाख रुपये की बरामदगी पुलिस की सक्रियता का प्रमाण है, जो अपराधियों के आर्थिक तंत्र को तोड़ने में सहायक सिद्ध होगी। पुलिस का स्पष्ट संदेश है— “अपराध का रास्ता केवल जेल की सलाखों तक जाता है।”