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श्रीगंगानगर पुलिस की नशा तस्करों पर सर्जिकल स्ट्राइक: भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं और चूरापोस्त जब्त, तीन सप्लायर गिरफ्तार

श्रीगंगानगर।

सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में युवाओं की नसों में जहर घोलने वाले नशा तस्करों और अवैध सप्लायर्स के खिलाफ जिला पुलिस ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी दिखाते हुए बेहद बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। राज्य सरकार और महानिदेशक पुलिस के निर्देशानुसार चलाए जा रहे विशेष ‘नशा मुक्ति अभियान’ के तहत जिला पुलिस अधीक्षक (SP) के नेतृत्व में पुलिस की अलग-अलग विशेष टीमों ने शहर के विभिन्न संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस मैराथन कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली गोलियां, कैप्सूल और डोडा-चूरापोस्त बरामद करने में सफलता हासिल की है। मौके से नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले तीन शातिर मुख्य आरोपियों को भी रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

दो अलग-अलग थानों में बैक-टू-बैक कार्रवाई

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मुखबिर तंत्र और जिला स्पेशल टीम (DST) से मिले पुख्ता इनपुट के आधार पर इस पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया ताकि तस्करों को भागने का मौका न मिल सके।

  • पहली कार्रवाई: शहर के पहले थाना इलाके में पुलिस ने एक रिहायशी मकान और उसके पास बने गोदाम पर अचानक दबिश दी। वहां से पुलिस को भारी तादाद में प्रतिबंधित नशीली दवाएं (टैबलेट्स और कैप्सूल) मिलीं, जिन्हें ऊंचे दामों पर युवाओं और स्थानीय पैडलर्स को सप्लाई किया जाना था। यहां से दो सप्लायर्स को दबोचा गया।

  • दूसरी कार्रवाई: दूसरे थाना क्षेत्र में नाकाबंदी और गश्त के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध वाहन को रुकवाया। वाहन की सघन तलाशी लेने पर उसमें से अवैध डोडा-चूरापोस्त की बोरियां बरामद हुईं। पुलिस ने मौके से वाहन चालक को गिरफ्तार कर गाड़ी और मादक पदार्थ को अपने कब्जे में ले लिया।

बरामद की गई दवाओं और नशे की इस खेप की अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

युवाओं को टारगेट कर रहे थे तस्कर

पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में यह सामने आया है कि ये नशा तस्कर मुख्य रूप से स्कूल-कॉलेज के छात्रों, हॉस्टलों में रहने वाले युवाओं और मजदूर वर्ग को अपना निशाना बना रहे थे। ये सप्लायर बेहद शातिराना तरीके से कोडवर्ड का इस्तेमाल कर प्रतिबंधित दवाओं की होम डिलीवरी तक करते थे। पकड़े गए आरोपी लंबे समय से इस अवैध कारोबार से जुड़े हुए थे और उनके तार अंतरराज्यीय नशा तस्कर गिरोहों (विशेषकर पंजाब और हरियाणा) से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अब इन आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नशे की यह बड़ी खेप कहां से लाई गई थी और स्थानीय स्तर पर इनके नेटवर्क में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं।

संदिग्ध ठिकानों पर बढ़ाई गई निगरानी: पुलिस अधीक्षक

कार्रवाई की विस्तृत जानकारी देते हुए जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि श्रीगंगानगर जिला पुलिस नशे के कारोबार को पूरी तरह से उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने साफ किया कि नशीली दवाओं की अवैध बिक्री और तस्करी करने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

“हमने नशा तस्करों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की है। शहर के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर चेकिंग बढ़ा दी गई है। इसके अलावा, जो इलाके या ठिकाने नशीले पदार्थों की बिक्री के लिए बदनाम या संदिग्ध हैं, वहां सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को तैनात कर निगरानी और तेज कर दी गई है।” – पुलिस अधीक्षक, श्रीगंगानगर

आमजन से पुलिस ने की सहयोग की अपील

पुलिस प्रशासन ने आम जनता, विशेषकर अभिभावकों और मौजीज नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। यदि उनके आस-पास कोई भी व्यक्ति अवैध नशीली दवाएं, चूरापोस्त या अन्य मादक पदार्थ बेचता हुआ दिखाई दे, तो तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस थाने या हेल्पलाइन नंबर पर दें। सूचना देने वाले का नाम और पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी। पुलिस का कहना है कि जनता के सक्रिय सहयोग से ही श्रीगंगानगर को पूरी तरह से नशा मुक्त और सुरक्षित बनाया जा सकता है।

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