
श्रीगंगानगर। राजस्थान के प्रमुख कृषि केंद्र श्रीगंगानगर में खेती के सीजन के बीच एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कृषि विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने नकली खाद और बीज बनाने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। जिले के औद्योगिक क्षेत्रों और बाहरी इलाकों में स्थित संदिग्ध गोदामों पर की गई इस छापेमारी ने बीज माफियाओं में हड़कंप मचा दिया है।
हानिकारक केमिकल्स का खेल: चमक ज्यादा, पैदावार शून्य
छापेमारी के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। सूत्रों के अनुसार, इन गोदामों में सामान्य और घटिया गुणवत्ता वाले बीजों को ‘ब्रांडेड’ दिखाने के लिए घातक रसायनों (Chemicals) का उपयोग किया जा रहा था।
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नकली पॉलिश: बीजों को आकर्षक और नया दिखाने के लिए उन पर जहरीले रंगों और रसायनों की परत चढ़ाई जा रही थी। यह कोटिंग न केवल बीजों की अंकुरण क्षमता (Germination power) को खत्म कर देती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता को भी नुकसान पहुँचाती है।
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ब्रांडेड कंपनियों की नकल: इन गोदामों से नामी कंपनियों के खाली बैग, सीलिंग मशीनें और जाली होलोग्राम बरामद किए गए हैं। घटिया बीज को महंगे दामों पर किसानों को बेचा जा रहा था।
कैसे हुई कार्रवाई?
पिछले कुछ दिनों से कृषि विभाग को शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ क्षेत्रों में खाद और बीज की गुणवत्ता संदिग्ध है। इस पर संज्ञान लेते हुए जिला कलेक्टर के निर्देश पर एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया।
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गुप्त सूचना: पुलिस और कृषि सतर्कता टीम ने मुखबिरों के जरिए इन ठिकानों को चिन्हित किया।
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छापेमारी: कल देर शाम शहर के रीको (RIICO) औद्योगिक क्षेत्र और पास के ग्रामीण इलाकों में एक साथ तीन ठिकानों पर दबिश दी गई।
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नमूने लिए गए: टीम ने भारी मात्रा में स्टॉक को जब्त कर लिया है और बीजों के नमूने लेकर जांच के लिए सरकारी लैब में भेज दिए हैं।
किसानों पर दोहरी मार
श्रीगंगानगर का किसान पहले ही मौसम की मार और सिंचाई पानी की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में नकली बीज और खाद का बाजार में आना उनके लिए किसी बड़े आर्थिक आघात से कम नहीं है।
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आर्थिक नुकसान: किसान अपनी जमापूंजी इन महंगे बीजों पर खर्च करता है, लेकिन जब फसल नहीं उगती, तो वह कर्ज के जाल में फंस जाता है।
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मिट्टी की बर्बादी: नकली खाद में मिलाए जाने वाले अशुद्ध तत्व खेत की मिट्टी को लंबे समय के लिए बंजर बना सकते हैं।
प्रशासन की चेतावनी और अपील
कृषि विभाग के उप-निदेशक ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि:
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किसान हमेशा अधिकृत (Authorized) डीलरों से ही बीज और खाद खरीदें।
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खरीद का पक्का बिल अवश्य लें और उस पर बैच नंबर व एक्सपायरी डेट चेक करें।
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यदि कोई विक्रेता बिना बिल के या संदिग्ध दाम पर सामान बेचता है, तो इसकी सूचना तुरंत विभाग के कंट्रोल रूम को दें।
प्रशासन अब इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने की कोशिश कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन नकली उत्पादों की सप्लाई किन-किन गांवों तक हो चुकी है। दोषी पाए जाने वाले फर्म मालिकों के खिलाफ फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर और सीड्स एक्ट के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है।