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श्रीगंगानगर-दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस के कोच में धुआं: जुलाना स्टेशन पर टला बड़ा हादसा, यात्रियों में मची अफरातफरी

श्रीगंगानगर/जींद:

राजस्थान के श्रीगंगानगर से देश की राजधानी दिल्ली के बीच चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12482) में आज सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। हरियाणा के जींद जिले के पास स्थित जुलाना रेलवे स्टेशन पर उस समय हड़कंप मच गया, जब चलती ट्रेन के एक कोच से अचानक गहरा धुआं निकलने लगा। इस घटना ने यात्रियों के बीच दहशत पैदा कर दी, लेकिन रेलवे कर्मचारियों की सूझबूझ से एक बड़ी अनहोनी को समय रहते रोक लिया गया।


घटना का पूरा विवरण

जानकारी के अनुसार, ट्रेन अपने निर्धारित समय पर श्रीगंगानगर से रवाना हुई थी। जब ट्रेन जींद और रोहतक के बीच जुलाना रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, तो यात्रियों ने कोच नंबर D-3 (सेकंड क्लास सीटिंग) के नीचे से धुआं निकलता देखा। देखते ही देखते धुआं कोच के अंदर भी भरने लगा, जिससे यात्रियों को सांस लेने में कठिनाई होने लगी।

ट्रेन में सवार यात्रियों ने तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया और आपातकालीन जंजीर (Alarm Chain) खींचकर ट्रेन को रोका। ट्रेन के रुकते ही जुलाना स्टेशन पर मौजूद रेलवे स्टाफ और सुरक्षा बल तुरंत सक्रिय हो गए।

राहत और बचाव कार्य

जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर रुकी, रेलवे के गार्ड, लोको पायलट और स्टेशन मास्टर ने मोर्चा संभाला। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए:

  1. त्वरित निकासी: कोच D-3 और उसके आसपास के डिब्बों में सवार यात्रियों को तुरंत नीचे उतारा गया। प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के बीच कुछ समय के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बनी, लेकिन रेलवे पुलिस (RPF) ने स्थिति को नियंत्रित किया।

  2. अग्निशमन उपकरणों का प्रयोग: धुआं कोच के ब्रेक बाइंडिंग (Break Binding) की वजह से उठ रहा था। रेलवे कर्मचारियों ने बिना समय गंवाए ‘फायर एक्सटिंग्विशर’ (आग बुझाने वाले यंत्रों) का उपयोग किया और पहियों के पास से उठ रहे धुएं और चिंगारियों पर काबू पाया।

  3. तकनीकी जांच: शुरुआती जांच में सामने आया कि ब्रेक ब्लॉक के पहियों से चिपक जाने (ब्रेक बाइंडिंग) के कारण घर्षण हुआ, जिससे अत्यधिक गर्मी पैदा हुई और धुआं निकलने लगा।

यात्रियों का अनुभव और वर्तमान स्थिति

कोच में सवार यात्रियों ने बताया कि धुआं इतना घना था कि उन्हें लगा कि ट्रेन में आग लग गई है। एक यात्री ने साझा किया, “अचानक टायर जलने जैसी गंध आई और कोच में धुआं भर गया। हम बहुत डर गए थे, लेकिन शुक्र है कि ट्रेन स्टेशन के पास थी।”

राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई और न ही किसी संपत्ति का बड़ा नुकसान हुआ। तकनीकी टीम द्वारा कोच की बारीकी से जांच करने और ब्रेक बाइंडिंग को ठीक करने के बाद, ट्रेन को लगभग 45 से 60 मिनट की देरी से आगे के लिए रवाना किया गया।

रेलवे की अपील और सतर्कता

रेलवे अधिकारियों ने इस घटना के बाद स्पष्ट किया कि यह आग लगने की घटना नहीं बल्कि तकनीकी खराबी थी। हालांकि, सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन को पूरी तरह चेक करने के बाद ही आगे बढ़ने की अनुमति दी गई। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं और रेलवे स्टाफ के निर्देशों का पालन करें।

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