
भारत के लोकतांत्रिक भविष्य को गढ़ने और युवाओं को संवैधानिक मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से आज 23 फरवरी, 2026 को श्रीगंगानगर के डॉ. भीमराव आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय में जिला स्तरीय ‘विकसित भारत युवा संसद-2026’ का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने जिले भर के मेधावी छात्रों को एक ऐसा मंच प्रदान किया जहाँ वे न केवल अपनी वाकपटुता का प्रदर्शन कर सके, बल्कि देश के राजनीतिक इतिहास और भविष्य की चुनौतियों पर भी गंभीर चिंतन प्रस्तुत किया।
मुख्य विषय: ‘आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक’
इस वर्ष की युवा संसद का केंद्रीय विषय अत्यंत प्रासंगिक और ऐतिहासिक रहा— “आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक”। वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल की स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस चर्चा का उद्देश्य युवा पीढ़ी को यह समझाना था कि लोकतंत्र की जड़ें कितनी गहरी हैं और नागरिक अधिकारों की रक्षा करना क्यों अनिवार्य है।
प्रतिभागियों ने इस विषय पर बोलते हुए भारतीय संविधान की शक्ति, प्रेस की स्वतंत्रता और न्यायपालिका की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने तर्क दिया कि इतिहास केवल पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि उससे सीख लेकर भविष्य में लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाने के लिए होता है।
प्रतिभागियों का उत्साह और प्रतियोगिता का स्वरूप
कार्यक्रम में जिले के विभिन्न सरकारी और निजी महाविद्यालयों के कुल 159 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का माहौल किसी वास्तविक संसद सत्र से कम नहीं लग रहा था। विद्यार्थियों को दो समूहों में विभाजित किया गया था, जहाँ उन्होंने पक्ष और विपक्ष की भूमिका निभाते हुए संसदीय शिष्टाचार, तार्किक बहस और अनुशासन का परिचय दिया।
चयन प्रक्रिया: निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन उनके तर्क, भाषा शैली, आत्मविश्वास और विषय की पकड़ के आधार पर किया। 159 छात्रों के बीच चले कड़े मुकाबले के बाद, जिले के 5 सर्वश्रेष्ठ प्रतिभावान युवाओं का चयन किया गया। ये पांच विजेता अब राज्य स्तर पर श्रीगंगानगर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।
अतिथियों और विशेषज्ञों के विचार
महाविद्यालय के प्राचार्य और मुख्य अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि “युवा संसद” केवल एक भाषण प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह भविष्य के नेतृत्व को तैयार करने की एक कार्यशाला है।
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लोकतांत्रिक चेतना: वक्ताओं ने कहा कि आज का युवा ‘विकसित भारत @ 2047’ के विजन का मुख्य आधार है। जब युवा देश के इतिहास (जैसे आपातकाल) को समझेंगे, तभी वे एक सतर्क नागरिक की भूमिका निभा पाएंगे।
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संसदीय ज्ञान: छात्रों को संसद की कार्यप्रणाली, शून्य काल, प्रश्न काल और विधेयकों के पारित होने की प्रक्रिया के बारे में प्रायोगिक जानकारी दी गई।
विकसित भारत का संकल्प
यह आयोजन केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत’ अभियान का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। युवा संसद जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि आने वाली पीढ़ी केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहे, बल्कि वे राष्ट्र निर्माण की नीतिगत प्रक्रियाओं में भी रुचि लें।
कार्यक्रम का निष्कर्ष
डॉ. भीमराव आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय में आयोजित इस जिला स्तरीय कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि श्रीगंगानगर के युवाओं में राजनीतिक चेतना और देश के प्रति समर्पण की कोई कमी नहीं है। चयनित 5 विद्यार्थियों को राज्य स्तर के लिए शुभकामनाएं दी गईं, जहाँ वे प्रदेश भर के युवाओं के साथ अपने विचार साझा करेंगे।