
श्रीगंगानगर, 15 मार्च 2026: राजस्थान के अन्न भंडार कहे जाने वाले श्रीगंगानगर जिले में रबी विपणन सीजन 2026-27 की हलचल तेज हो गई है। जिले के किसानों के लिए आज का दिन दोहरी खुशी लेकर आया है। एक ओर जहां सरकारी केंद्रों पर गेहूं की खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया पूरी रफ्तार के साथ शुरू हो गई है, वहीं दूसरी ओर सरकार द्वारा घोषित 150 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस किसानों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर रहा है।
यह कदम न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारेगा, बल्कि बिचौलियों के चंगुल से बचाकर उन्हें उनकी मेहनत का सही मोल दिलाने में भी सहायक सिद्ध होगा।
पंजीकरण प्रक्रिया और बोनस का गणित
इस साल केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के साथ राज्य सरकार ने अपनी ओर से बोनस जोड़ने का निर्णय लिया है। जिला रसद विभाग के अनुसार, इस बार गेहूं की खरीद के लिए निम्नलिखित वित्तीय ढांचा तैयार किया गया है:
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न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP): केंद्र सरकार द्वारा तय मानक।
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राज्य सरकार का बोनस: 150 रुपये प्रति क्विंटल।
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कुल प्रभावी मूल्य: $MSP + 150$ रुपये।
पंजीकरण के लिए किसान अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र या निर्धारित पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए जमाबंदी की नकल, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी और आधार कार्ड अनिवार्य किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर तुलाई की तारीखें (स्लॉट) आवंटित की जा रही हैं।
जिला प्रशासन की ‘चाक-चौबंद’ तैयारियां
जिला कलेक्टर ने आज खरीद केंद्रों का दौरा कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य यह है कि किसान को मंडी में अपनी फसल लाने के बाद घंटों इंतजार न करना पड़े। इसके लिए कुछ प्रमुख व्यवस्थाएं की गई हैं:
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पर्याप्त बारदाना और भंडारण: जिले के सभी क्रय केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में बोरियों (बारदाना) की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। साथ ही, गोदामों में भंडारण के लिए जगह आरक्षित कर दी गई है।
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पेयजल और छाया की व्यवस्था: मार्च की बढ़ती गर्मी को देखते हुए मंडियों में किसानों के लिए ठंडे पानी और बैठने के लिए छायादार स्थानों का प्रबंध किया गया है।
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पारदर्शी तुलाई प्रणाली: इलेक्ट्रॉनिक कांटों की जांच की जा रही है ताकि वजन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। पूरी प्रक्रिया की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और नोडल अधिकारियों के माध्यम से की जाएगी।
किसानों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसल को पूरी तरह सुखाकर (नमी की मात्रा 12% से कम) ही मंडी लाएं। यदि फसल में नमी अधिक पाई जाती है, तो उसे रिजेक्ट किया जा सकता है या तुलाई में देरी हो सकती है।
महत्वपूर्ण सूचना: किसान भाई अपना वह बैंक खाता ही पंजीकरण में दें जो आधार से लिंक हो, ताकि भुगतान सीधे उनके खाते में (DBT के माध्यम से) त्वरित रूप से पहुंच सके।
आर्थिक प्रभाव और भविष्य की राह
श्रीगंगानगर जिले की अर्थव्यवस्था पूरी तरह कृषि पर टिकी है। 150 रुपये का अतिरिक्त बोनस सीधे तौर पर जिले की क्रय शक्ति को बढ़ाएगा। स्थानीय किसान नेताओं का कहना है कि लागत में बढ़ोतरी (खाद, बीज और डीजल के दाम) को देखते हुए यह बोनस राहत की एक बूंद जैसा है, हालांकि वे भविष्य में इसे और बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
वर्तमान में जिले में लगभग 100 से अधिक खरीद केंद्र सक्रिय किए गए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि इस साल रिकॉर्ड तोड़ गेहूं की सरकारी खरीद होगी, क्योंकि खुले बाजार (Open Market) की तुलना में सरकारी भाव और बोनस का तालमेल किसानों के लिए अधिक फायदेमंद साबित हो रहा है।