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श्रीगंगानगर: गंगनहर प्रणाली में जल वितरण दुरुस्त करने की कवायद, सिंचाई विभाग ने मुख्य हेड का किया औचक निरीक्षण

श्रीगंगानगर:

थार के मरुस्थल को हरा-भरा बनाने वाली ऐतिहासिक गंगनहर प्रणाली में जल वितरण को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए जल संसाधन (सिंचाई) विभाग पूरी तरह हरकत में आ गया है। जिले में रबी सीजन की आगामी बुआई और कपास व मूंग जैसी खरीफ फसलों की अंतिम सिंचाई को ध्यान में रखते हुए सिंचाई विभाग की एक उच्चस्तरीय टीम ने गंगनहर के मुख्य हेड (Main Head) और प्रमुख वितरिकाओं (Distributaries) का औचक निरीक्षण किया। पिछले कुछ दिनों से विभिन्न किसान संगठनों और टेल (अंतिम छोर) के किसानों द्वारा पानी पूरा न मिलने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद विभाग ने यह कदम उठाया है।

टेल तक पानी न पहुँचने से किसानों में आक्रोश

गंगनहर प्रणाली से जुड़े पदमपुर, रायसिंहनगर, श्रीकरणपुर और सादुलशहर क्षेत्र के टेल पर स्थित गाँवों के किसानों का आरोप है कि नहरों में पीछे से तो पर्याप्त पानी छोड़ा जा रहा है, लेकिन मध्य के इलाकों में अवैध जल-निकासी, मोघों (Outlets) से छेड़छाड़ और नहरों में गाद (Silt) जमने के कारण अंतिम छोर तक निर्धारित शेयर का पानी नहीं पहुँच पा रहा है।

फसलों के इस नाजुक दौर में पानी की कमी से फसलों के सूखने का खतरा मंडराने लगा है। किसानों की इसी चिंता को देखते हुए सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता की अगुवाई में तकनीकी टीम ने सीधे नहरों के प्रवाह बिंदु पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण का स्थान समीक्षा का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित सुधारात्मक कदम
गंगनहर मुख्य हेड पानी के कुल इनफ्लो (Inflow) का सही मापन करना पंजाब सीमा से मिलने वाले डिस्चार्ज का सटीक मिलान करना
मुख्य वितरिकाएँ (Canal Outlets) मोघों के साइज और पानी के प्रवाह की जाँच अनाधिकृत और अवैध रूप से बड़े किए गए मोघों को ठीक करना
टेल क्षेत्र (Tail Ends) अंतिम छोर तक पहुँच रहे पानी का गेज (Gauge) मापना रोस्टर प्रणाली को सख्ती से लागू कर टेल तक पूरा पानी पहुँचाना

निरीक्षण के दौरान दिए गए सख्त निर्देश

मुख्य हेड और विभिन्न माइनरों का जायजा लेते हुए अधिकारियों ने मौके पर मौजूद अधिशासी अभियंताओं और पटवारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जल वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • अवैध जल-निकासी पर रोक: नहरों से अवैध रूप से पाइप लगाकर या पंप सेट के जरिए पानी चोरी करने वालों के खिलाफ तुरंत राजस्थान सिंचाई एवं जल निकास अधिनियम (Irrigation and Drainage Act) के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज करवाई जाएगी।

  • मोघों का नियमन: जिन स्थानों पर मोघों को अवैध रूप से चौड़ा या नीचा करके अधिक पानी लेने की शिकायतें मिली हैं, उन्हें तुरंत प्रभाव से मानक आकार के अनुसार सुधारा जाएगा।

  • रोस्टर प्रणाली का कड़ा पालन: सभी शाखाओं में तय वरीयता (Roster System) के अनुसार ही पानी का वितरण होगा ताकि हर किसान को उसकी बारी पर पूरा पानी मिल सके।

विभाग ने दिया किसानों को आश्वासन

निरीक्षण के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें आश्वस्त किया कि पंजाब से गंगनहर को मिलने वाले राजस्थान के तय शेयर में किसी प्रकार की कटौती नहीं होने दी जाएगी। विभाग का मुख्य लक्ष्य यह है कि रबी फसलों की बुआई से पहले नहरों की सिल्ट सफाई (Desilting) का काम भी पूरा कर लिया जाए, जिससे जल प्रवाह में कोई रुकावट न आए।

अधिकारियों के इस आश्वासन और धरातल पर शुरू हुई कार्रवाई से टेल क्षेत्र के किसानों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। सिंचाई विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति नहरी संपत्ति को नुकसान पहुँचाता या पानी चोरी में लिप्त पाया गया, तो उस पर भारी जुर्माने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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