
श्रीगंगानगर।
श्रीगंगानगर जिले के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने और स्थानीय स्तर पर व्यापार व रोजगार के नए अवसरों को सृजित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) ने जिले के विकास को गति देते हुए श्रीगंगानगर यूनिट कार्यालय के तहत आने वाले ‘रावला मंडी औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 और फेज-2’ के बुनियादी ढांचे के कायाकल्प के लिए संशोधित प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति (Revised Sanction) जारी कर दी है। इस महत्वपूर्ण मंजूरी के बाद रावला मंडी क्षेत्र में लंबे समय से लंबित पड़े विकास कार्यों का रास्ता साफ हो गया है, जिससे स्थानीय उद्यमियों और व्यापारियों में भारी उत्साह है।
बुनियादी ढांचे और जल आपूर्ति (WSS) के लिए विशेष बजट मंजूर
रीको मुख्यालय से मिली इस प्रशासनिक मंजूरी के तहत रावला मंडी औद्योगिक क्षेत्र के दोनों फेजों में मूलभूत सुविधाओं का बड़े पैमाने पर विस्तार किया जाएगा। इस परियोजना का मुख्य फोकस क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या यानी जल आपूर्ति प्रणाली (Water Supply System – WSS) को पूरी तरह से अपग्रेड और मजबूत करना है।
लंबे समय से यहां के उद्यमी पानी की किल्लत और बदहाल सड़कों की शिकायत कर रहे थे। इस नई वित्तीय स्वीकृति के अंतर्गत निम्नलिखित प्रमुख विकास कार्य करवाए जाएंगे:
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उच्च क्षमता वाले वाटर सप्लाई सिस्टम का निर्माण: फैक्ट्रियों और फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए स्वच्छ और निर्बाध पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नई पाइपलाइनें, ट्यूबरवेल और ओवरहेड टैंक (पानी की टंकियां) बनाए जाएंगे।
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सड़कों का सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण: औद्योगिक क्षेत्र के भीतर भारी वाहनों (ट्रकों और ट्रॉलियों) के सुगम आवागमन के लिए सीसी (सिमेंटेड) और डामर की मजबूत सड़कों का जाल बिछाया जाएगा।
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अत्याधुनिक जल निकासी (Drainage System): फैक्ट्रियों से निकलने वाले गंदे पानी और बरसात के दिनों में होने वाले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए पक्के नालों और ड्रेनेज नेटवर्क का निर्माण होगा।
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स्ट्रीट लाइट और हरित पट्टी (Green Belt): पूरे औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा के लिहाज से आधुनिक एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी और पर्यावरण संतुलन के लिए ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी।
नए टेंडर जारी, तय समय सीमा में पूरा होगा काम
रीको के श्रीगंगानगर यूनिट कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, संशोधित प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी मिलने के तुरंत बाद विभाग ने तकनीकी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। विकास कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए बहुत जल्द नए टेंडर (Tenders) आमंत्रित किए जा रहे हैं। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद रीको की एक विशेष तकनीकी टीम इन कार्यों की गुणवत्ता और समय सीमा की निगरानी करेगी, ताकि उद्यमियों को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके।
रीको (RIICO) क्षेत्रीय प्रबंधक का बयान: “रावला मंडी क्षेत्र में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। इस संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति से हमें बजट की कमी को दूर करने और नई तकनीकों के साथ बुनियादी ढांचे को विकसित करने में मदद मिलेगी। हमारा प्रयास है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही युद्ध स्तर पर काम शुरू करवाया जाए, ताकि स्थानीय उद्योगों को एक विश्वस्तरीय माहौल मिल सके।”
स्थानीय व्यापार और रोजगार को मिलेगा जबरदस्त बढ़ावा
श्रीगंगानगर का रावला मंडी क्षेत्र कृषि आधारित उद्योगों (जैसे राइस मिल, कॉटन मिल, ऑयल मिल) और खनिज आधारित उद्योगों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है। बुनियादी ढांचे के मजबूत होने से न केवल वर्तमान में चल रही औद्योगिक इकाइयां अपनी पूरी क्षमता से काम कर सकेंगी, बल्कि नए निवेशक भी यहां अपनी फैक्ट्रियां लगाने के लिए आकर्षित होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस विकास कार्य से क्षेत्र में अप्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रूप से हजारों नए रोजगार के अवसरों का सृजन होगा। स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए बड़े शहरों की तरफ पलायन नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही, व्यापार बढ़ने से राज्य सरकार के राजस्व में भी भारी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। रावला मंडी व्यापार मंडल और स्थानीय औद्योगिक संघों ने सरकार और रीको प्रबंधन के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के विकास के लिए ‘मील का पत्थर’ बताया है।