
श्रीगंगानगर:
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसे सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में नशा तस्करी के बढ़ते नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से व्यापक अभियान छेड़ रखा है। इसी क्रम में जिला पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले के समेजा कोठी थाना क्षेत्र में चलाए गए एक विशेष सर्च व चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस की सतर्कता से नाकाबंदी तोड़कर भागने का प्रयास कर रहे दो शातिर नशा तस्करों को दबोच लिया गया। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में संदिग्ध मादक पदार्थ (हेरोइन) और तस्करी में प्रयुक्त एक संदिग्ध वाहन बरामद किया गया है।
नाकाबंदी तोड़ भागने की कोशिश, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा
जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर सीमावर्ती थाना क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन फ्लश आउट’ (Operation Flush Out) के तहत समेजा कोठी पुलिस टीम ने मुख्य मार्ग पर रणनीतिक नाकाबंदी की थी। इसी दौरान एक तेज रफ्तार संदिग्ध वाहन आता हुआ दिखाई दिया। जब पुलिस कर्मियों ने टॉर्च और बैरिकेड्स की मदद से वाहन को रुकने का इशारा किया, तो चालक ने गाड़ी धीमी करने के बजाय गति बढ़ा दी और नाकाबंदी तोड़कर भागने का प्रयास किया।
पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत पीछा शुरू किया और कुछ ही दूरी पर रणनीतिक घेराबंदी कर वाहन को चारों तरफ से घेर लिया। गाड़ी में सवार दोनों युवकों को नीचे उतारकर जब पूछताछ की गई, तो वे कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके और घबराने लगे।
तलाशी में मिला संदिग्ध मादक पदार्थ, एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज
संदेह गहराने पर जब पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में वाहन और दोनों युवकों की गहन तलाशी ली गई, तो उनके पास से अवैध मादक पदार्थ की खेप बरामद हुई। प्राथमिक जांच में बरामद सामग्री के हेरोइन होने की पुष्टि हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।
पुलिस ने मौके से मादक पदार्थ को जब्त करते हुए तस्करी में इस्तेमाल किए गए वाहन को भी सीज कर दिया है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
| विवरण | विवरण/मापदंड |
| कार्रवाई का स्थान | समेजा कोठी थाना क्षेत्र, श्रीगंगानगर |
| कार्रवाई का प्रकार | विशेष नाकाबंदी व सर्च ऑपरेशन (‘ऑपरेशन फ्लश आउट’) |
| गिरफ्तार आरोपी | 02 संदिग्ध नशा तस्कर |
| बरामदगी | संदिग्ध मादक पदार्थ (हेरोइन) एवं परिवहन में प्रयुक्त वाहन |
| कानूनी कार्रवाई | NDPS एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज |
सीमापार कनेक्शन और बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज की जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक पूछताछ में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि इस खेप को सीमावर्ती इलाके के किसी अन्य तस्कर को डिलीवर किया जाना था। अब पुलिस इस पूरे रैकेट के ‘बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज’ (Backward & Forward Linkages) को खंगालने में जुटी है।
-
सप्लाई चैन का पता लगाना: पुलिस यह जांच कर रही है कि तस्करों को यह माल कहां से मिला था और इसे आगे किस शहर या व्यक्ति तक पहुंचाना था।
-
ड्रोन और क्रॉस-बॉर्डर एंगल: चूंकि यह इलाका भारत-पाक सीमा के बेहद करीब है, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी गहनता से जांच कर रही हैं कि कहीं यह खेप सीमापार से ड्रोन (Drone) के जरिए तो नहीं गिराई गई थी।
-
आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड: दोनों आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वे किस संगठित नशा गिरोह के सदस्य हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का कड़ा रुख, रात्रि गश्त बढ़ाने के निर्देश
सीमावर्ती जिलों में नशे के बढ़ते कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सीमा पार से होने वाली घुसपैठ, हथियार तस्करी और मादक पदार्थों की अवैध आपूर्ति पर अंकुश लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) और स्थानीय पुलिस का संयुक्त खुफिया तंत्र लगातार सक्रिय है।
आगामी दिनों में जिले के सभी संवेदनशील, नहरी और ग्रामीण रास्तों पर पुलिस की रात्रि गश्त (Night Patrolling) को और सख्त किया जाएगा, ताकि अवैध नशीली दवाओं के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।