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श्रीगंगानगर के बुनियादी ढांचे में बड़ा निवेश: 1022 करोड़ रुपये से बदलेगी हाईवे की सूरत

श्रीगंगानगर, 21 दिसंबर 2025: सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर के लिए आज का दिन विकास के दृष्टिकोण से ऐतिहासिक रहा। केंद्र सरकार ने क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए 1022 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को मंजूरी दे दी है। यह राशि जिले के मुख्य हाईवे को फोरलेन (4-Lane) में तब्दील करने के लिए आवंटित की गई है। इस घोषणा के बाद से स्थानीय व्यापारियों, किसानों और आम जनता में खुशी की लहर है।

परियोजना का मुख्य उद्देश्य और विस्तार

श्रीगंगानगर जिला सामरिक और आर्थिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। वर्तमान में यहाँ का मुख्य हाईवे संकरा होने के कारण बढ़ते ट्रैफिक का दबाव नहीं झेल पा रहा था। 1022 करोड़ रुपये की इस महा-परियोजना के तहत निम्नलिखित कार्य किए जाएंगे:

  • सड़क चौड़ीकरण: मौजूदा टू-लेन सड़क को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार फोरलेन में बदला जाएगा।

  • डिवाइडर और लाइटिंग: पूरी सड़क पर आधुनिक डिवाइडर, हाई-मास्ट लाइटें और संकेतक (Signboards) लगाए जाएंगे।

  • बाईपास और फ्लाईओवर: शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए आवश्यकतानुसार फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण होगा।

पंजाब-राजस्थान कनेक्टिविटी में सुधार

यह हाईवे न केवल श्रीगंगानगर बल्कि पड़ोसी राज्य पंजाब के साथ व्यापारिक रिश्तों को भी नई मजबूती प्रदान करेगा।

  1. निर्बाध परिवहन: फोरलेन बनने से श्रीगंगानगर से अबोहर, फाजिल्का और बठिंडा की दूरी तय करने में लगने वाला समय लगभग 30-40% कम हो जाएगा।

  2. व्यापार को बढ़ावा: श्रीगंगानगर की अनाज मंडी एशिया की बड़ी मंडियों में शुमार है। फोरलेन बनने से कृषि उत्पादों (गेहूं, सरसों, नरमा) का पंजाब और अन्य राज्यों में परिवहन सस्ता और तेज होगा।

  3. ट्रैफिक जाम से मुक्ति: वर्तमान में भारी ट्रकों और ट्राले की वजह से लगने वाले घंटों लंबे जाम से आम जनता को स्थाई राहत मिलेगी।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द होगी शुरू

बजट की मंजूरी के साथ ही प्रशासन अब भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) के चरण में प्रवेश कर रहा है। जिला कलेक्टर के अनुसार, एनएचएआई (NHAI) और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम जल्द ही सर्वे का काम पूरा करेगी।

  • मुआवजा वितरण: जिन किसानों या भू-स्वामियों की जमीन हाईवे के दायरे में आएगी, उन्हें नए नियमों के अनुसार बाजार दर पर उचित मुआवजा दिया जाएगा।

  • समय सीमा: सरकार का लक्ष्य है कि अगले 6 महीनों के भीतर कागजी कार्रवाई पूरी कर निर्माण कार्य धरातल पर शुरू कर दिया जाए।

सामरिक महत्व और सुरक्षा

पाकिस्तान सीमा के करीब होने के कारण यह हाईवे सैन्य आवाजाही के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। युद्ध जैसी स्थिति या अभ्यास के दौरान भारी सैन्य वाहनों और टैंकों के तेजी से मूवमेंट के लिए फोरलेन सड़क का होना अनिवार्य है। इस परियोजना से देश की सुरक्षा व्यवस्था को भी बल मिलेगा।

रोजगार के नए अवसर

इस विशाल निर्माण परियोजना से स्थानीय स्तर पर भी लाभ होगा। हाईवे निर्माण के दौरान हजारों कुशल और अकुशल श्रमिकों को रोजगार मिलेगा। साथ ही, हाईवे के किनारे नए पेट्रोल पंप, ढाबे और होटल खुलने से स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के रास्ते खुलेंगे।


निष्कर्ष: 1022 करोड़ रुपये का यह निवेश श्रीगंगानगर के भविष्य की तस्वीर बदलने वाला साबित होगा। बेहतर कनेक्टिविटी न केवल यात्रा सुगम बनाएगी, बल्कि जिले के आर्थिक विकास को भी पंख लगाएगी।

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