
श्रीगंगानगर शहर में नए साल की शुरुआत के साथ ही अपराध की घटनाओं में तेजी देखी जा रही है। शहर के सबसे व्यस्त और पॉश माने जाने वाले कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मुखर्जी नगर और एल-ब्लॉक में चोरी की दो बड़ी वारदातों ने पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। अज्ञात चोरों ने सूने मकानों को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के जेवर और नकदी पार कर दी, जिससे क्षेत्र के निवासियों में भय का माहौल व्याप्त है।
पहली वारदात: मुखर्जी नगर में सूने मकान को बनाया निशाना
मुखर्जी नगर में हुई चोरी की घटना ने आसपास के लोगों को चौंका दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार पिछले कुछ दिनों से एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए शहर से बाहर गया हुआ था। घर सूना पाकर चोरों ने मुख्य द्वार का ताला तोड़ा और भीतर प्रवेश कर गए।
चोरों ने घर के कमरों में रखी अलमारियों और तिजोरियों के ताले कटर की मदद से काट दिए। घर के मालिक जब वापस लौटे, तो उन्हें मुख्य गेट का ताला टूटा मिला और अंदर का सामान बिखरा हुआ था। प्राथमिक आकलन के अनुसार, चोर करीब 10 से 15 तोला सोने के आभूषण, आधा किलो चांदी और करीब 2 लाख रुपये की नकदी ले उड़े हैं।
दूसरी वारदात: एल-ब्लॉक में भी इसी तरह की चोरी
लगभग उसी समय, एल-ब्लॉक क्षेत्र में भी एक अन्य घर में चोरी की घटना सामने आई। यहां भी परिवार किसी काम से बाहर गया था। पड़ोसियों ने जब घर का दरवाजा खुला देखा, तो उन्हें संदेह हुआ और उन्होंने गृहस्वामी को सूचित किया। इस मकान से भी चोर कीमती घड़ियां, जेवर और कुछ जरूरी दस्तावेज लेकर फरार हो गए हैं। पुलिस को संदेह है कि दोनों वारदातों के पीछे एक ही शातिर गिरोह का हाथ हो सकता है, जो दिन में रेकी करता है और रात के अंधेरे या सूनेपन का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देता है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और FSL (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से उंगलियों के निशान (Fingerprints) और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं।
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CCTV फुटेज: पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। कुछ संदिग्ध बाइक सवारों को देर रात गली में घूमते हुए देखा गया है, जिनकी पहचान की जा रही है।
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मुखबिर तंत्र: पुलिस ने अपने मुखबिरों को सक्रिय कर दिया है और हाल ही में जेल से छूटे संपत्ति संबंधी अपराधियों की कुंडली खंगाली जा रही है।
स्थानीय निवासियों की चिंता
लगातार हो रही चोरियों से स्थानीय नागरिक आक्रोशित हैं। निवासियों का कहना है कि सर्दी और कोहरे के मौसम का फायदा उठाकर चोर सक्रिय हो गए हैं, जबकि पुलिस की रात्रि गश्त केवल मुख्य सड़कों तक ही सीमित रहती है। मोहल्ले के लोगों ने मांग की है कि कॉलोनियों के अंदरूनी रास्तों पर पुलिस की उपस्थिति बढ़ाई जाए।
पुलिस की अपील और बचाव के उपाय
कोतवाली थाना प्रभारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें:
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सूचना दें: यदि आप कुछ दिनों के लिए शहर से बाहर जा रहे हैं, तो अपने पड़ोसियों और स्थानीय पुलिस थाने को सूचित जरूर करें।
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हाई-टेक सुरक्षा: घरों में अच्छी गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे और सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम लगवाएं।
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कीमती सामान: बड़ी मात्रा में नकदी और भारी जेवर घर में रखने के बजाय बैंक लॉकर का उपयोग करें।
निष्कर्ष
श्रीगंगानगर की यह दोहरी चोरी पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। लाखों की इस चोरी का खुलासा करना और अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजना अब कोतवाली पुलिस की प्राथमिकता बन गया है।