
श्रीगंगानगर। राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में चोरी की बढ़ती घटनाओं ने स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ा दी है। शहर के घने और व्यस्तम रिहाइशी इलाके ‘पुरानी आबादी’ क्षेत्र से सेंधमारी का एक नया मामला सामने आया है। यहां एक बंद मकान को निशाना बनाते हुए अज्ञात चोरों ने सोने-चांदी के गहनों और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। घटना के वक्त पूरा परिवार किसी काम से बाहर गया हुआ था। सूचना मिलते ही पुरानी आबादी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेकर मामला दर्ज किया। फिलहाल पुलिस क्षेत्र में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगालकर चोरों की तलाश में जुट गई है।
ताला तोड़कर घर में घुसे चोर, पूरे मकान को खंगाला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित मकान मालिक पुरानी आबादी क्षेत्र की एक मुख्य गली में अपने परिवार के साथ रहते हैं। पीड़ित परिवार निजी काम से घर पर ताला लगाकर बाहर गया हुआ था। मकान को बंद देखकर शातिर चोरों ने मौका पाकर मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ दिया और अंदर दाखिल हो गए।
घर के अंदर घुसने के बाद चोरों ने बेडरूम में रखी अलमारियों और तिजोरियों के ताले उखाड़ दिए। चोरों ने अलमारी में रखे सोने-चांदी के कीमती आभूषण और हजारों रुपये की नकदी समेट ली। चोरी की वारदात को इतनी सफाई से अंजाम दिया गया कि आसपास के पड़ोसियों को भी किसी हलचल का अहसास नहीं हुआ।
घर लौटने पर हुआ वारदात का खुलासा
जब परिवार के लोग वापस अपने घर लौटे, तो मुख्य द्वार का ताला टूटा देखकर उनके होश उड़ गए। घर के अंदर जाने पर सारा सामान बिखरा हुआ पड़ा था और अलमारी के ताले टूटे मिले। पीड़ित ने तुरंत अपने स्तर पर जांच की तो पाया कि लॉकर में रखे सोने के हार, चूड़ियां, अंगूठियां और चांदी के बर्तन गायब थे। साथ ही दैनिक जरूरतों और काम के लिए रखी गई नकदी भी गायब थी।
पीड़ित परिवार ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुरानी आबादी पुलिस थाने को दी। सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड की मदद से साक्ष्य जुटाए
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मौका-ए-वारदात को सील कर दिया और फॉरेंसिक (FSL) टीम को मौके पर बुलाया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने अलमारी, दरवाजों और हैंडल से उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट्स) और अन्य साक्ष्य एकत्र किए। इसके साथ ही चोरों की आवाजाही के रास्ते का पता लगाने के लिए स्निफर डॉग की मदद भी ली गई।
पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से चोरी हुए सामान और नकदी का विवरण लिया है और उसके आधार पर अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की जांच और संदिग्धों से पूछताछ
थानाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया है, जो मामले की जांच में जुटी है। पुलिस की प्राथमिक जांच का केंद्र इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे हैं।
पुलिस टीम मोहल्ले के मुख्य रास्तों, दुकानों और आसपास के घरों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाल रही है, ताकि घटना के समय आसपास घूम रहे संदिग्धों या वाहनों की पहचान की जा सके। इसके अलावा पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज पुराने नकबजनों और हाल ही में जेल से छूटे चोरों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
निवासियों में भय का माहौल, पुलिस ने बढ़ाई गश्त
दिनदहाड़े और व्यस्त इलाके में हुई इस सेंधमारी की घटना के बाद पुरानी आबादी क्षेत्र के निवासियों में डर और असुरक्षा का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि रात और दिन के समय पुलिस गश्त बढ़ाई जाए ताकि ऐसी वारदातों पर रोक लग सके।
पुलिस प्रशासन ने आमजन को आश्वासन दिया है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर चोरी हुआ माल बरामद कर लिया जाएगा। साथ ही पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे लंबे समय के लिए घर से बाहर जाते हैं, तो इसकी सूचना संबंधित थाने या पड़ोसियों को जरूर दें और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखें।