
श्रीगंगानगर। राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में आज रविवार, 22 फरवरी को सरकारी कर्मचारियों की आवाज बुलंद हुई। शहर के राजकीय चिकित्सालय के समीप स्थित लीला धर्मशाला में ‘अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत)’ के बैनर तले जिला स्तरीय समीक्षा बैठक का सफल आयोजन किया गया। इस बैठक में जिले भर के विभिन्न विभागों के सैकड़ों कर्मचारियों ने भाग लिया और सरकार के सामने अपनी लंबित मांगों को प्रभावी ढंग से रखने की रणनीति तैयार की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य और एजेंडा
बैठक की अध्यक्षता जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने की। सभा का मुख्य उद्देश्य पिछले कुछ समय से लंबित पड़ी कर्मचारी मांगों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करना और भविष्य के आंदोलन की रूपरेखा तैयार करना था। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार द्वारा समय-समय पर आश्वासन तो दिए जाते हैं, लेकिन धरातल पर क्रियान्वयन की गति अत्यंत धीमी है।
चर्चा के प्रमुख बिंदु:
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वेतन विसंगतियां: विभिन्न संवर्गों के कर्मचारियों के वेतन में आ रही विसंगतियों को दूर करने की मांग प्रमुखता से उठी।
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पदोन्नति (Promotions): शिक्षा, स्वास्थ्य और राजस्व विभागों में लंबे समय से रुकी हुई पदोन्नतियों को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की गई।
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संविदा कर्मियों का नियमितीकरण: विभिन्न विभागों में कार्यरत संविदा और मानदेय कर्मियों को स्थायी कैडर में शामिल करने के मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई।
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पुरानी पेंशन योजना (OPS): ओपीएस के सुचारू क्रियान्वयन और इसके लाभों को अंतिम कर्मचारी तक पहुँचाने की तकनीकी बाधाओं पर विचार किया गया।
रणनीतिक चर्चा और भविष्य का खाका
बैठक में केवल शिकायतों पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि एक ठोस एक्शन प्लान भी तैयार किया गया। महासंघ के नेताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि यदि सरकार आगामी बजट और कैबिनेट बैठकों में कर्मचारियों के हितों का ध्यान नहीं रखती है, तो संगठन प्रदेश व्यापी आंदोलन से पीछे नहीं हटेगा।
बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि अगले चरण में तहसील स्तर पर बैठकों का आयोजन कर छोटे स्तर के कर्मचारियों को भी इस मुहिम से जोड़ा जाएगा। साथ ही, जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपने का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया गया।
“कर्मचारी राज्य मशीनरी की रीढ़ होते हैं। यदि उनकी जायज मांगों को अनसुना किया गया, तो प्रशासन के कार्य बाधित हो सकते हैं। हम शांतिपूर्ण संवाद में विश्वास रखते हैं, लेकिन आत्मसम्मान और अधिकारों के लिए संघर्ष को भी तैयार हैं।” — महासंघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी का संबोधन
कर्मचारियों का उत्साह
लीला धर्मशाला में आयोजित इस सभा में ऊर्जा और उत्साह का माहौल था। पंचायती राज, शिक्षा, रोडवेज, और स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि संघों ने भी महासंघ को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने एकजुट रहने की शपथ ली और संगठन की मजबूती पर बल दिया।
इस समीक्षा बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि श्रीगंगानगर के कर्मचारी आने वाले दिनों में अपनी मांगों को लेकर जिला और प्रदेश स्तर पर बड़ा दबाव बनाने की तैयारी में हैं।