🢀
श्रीगंगानगर: अवैध टोल वसूली के खिलाफ हुंकार, शहीद दिवस पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

श्रीगंगानगर, 23 मार्च 2026

राजस्थान के सरहदी जिले श्रीगंगानगर में पिछले 16 दिनों से चल रहा जन-आंदोलन आज एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। पदमपुर मार्ग पर स्थित 18 BB और 9 A टोल नाकों को हटाने की मांग को लेकर ‘टोल हटाओ संघर्ष समिति’ के बैनर तले ग्रामीण और किसान अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। आज 23 मार्च, शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस के अवसर पर आंदोलनकारियों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है।

विवाद की मुख्य जड़: समय सीमा समाप्त, फिर भी वसूली जारी

संघर्ष समिति का आरोप है कि इन टोल नाकों की निर्धारित समय सीमा काफी समय पहले ही समाप्त हो चुकी है। बावजूद इसके, संबंधित निर्माण कंपनियों और प्रशासन की मिलीभगत से आम जनता की जेब पर डाका डाला जा रहा है। समिति के नेताओं का कहना है कि सड़क की हालत जर्जर है, लेकिन टोल वसूली में कोई रियायत नहीं दी जा रही है।

आंदोलन को धार देने के लिए पिछले कई दिनों से रत्तेवाला, चूनावढ़ और पदमपुर सहित दर्जनों ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान चलाया गया। सुखवीर सिंह फौजी और रविंद्र तरखान जैसे स्थानीय नेताओं का तर्क है कि जब सड़क का निर्माण खर्च वसूला जा चुका है, तो टोल नाकों का संचालन पूरी तरह अवैध है।

शहीद दिवस पर “चक्का जाम” की चेतावनी

आज सुबह से ही धरना स्थल पर भारी भीड़ जुटना शुरू हो गई है। समिति ने पहले ही चेतावनी दे दी थी कि यदि 22 मार्च की शाम तक प्रशासन ने टोल हटाने का लिखित आदेश जारी नहीं किया, तो शहीद दिवस पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। आंदोलनकारियों की योजना टोल फ्री करने या सड़कों को पूरी तरह जाम करने की है। भगत सिंह चौक से लेकर टोल नाकों तक विरोध मार्च निकालने की भी तैयारी है।

प्रशासनिक सतर्कता और पुलिस बल की तैनाती

किसी भी संभावित टकराव को रोकने के लिए श्रीगंगानगर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। धरना स्थल और दोनों टोल नाकों पर भारी संख्या में पुलिस जाप्ता (Police Force) तैनात किया गया है। आरएसी (RAC) की टुकड़ियों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। उपखंड अधिकारी और पुलिस के आला अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर उन्हें शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं, लेकिन आंदोलनकारी ‘टोल मुक्ति’ से कम पर मानने को तैयार नहीं हैं।

आम जनता पर असर

16 दिनों से चल रहे इस गतिरोध के कारण श्रीगंगानगर-पदमपुर मार्ग पर यातायात प्रभावित हो रहा है। आज बड़े आंदोलन की घोषणा के चलते इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय व्यापारियों और ट्रक यूनियन ने भी इस मांग को जायज ठहराते हुए आंदोलन को अपना नैतिक समर्थन दिया है।

आगे क्या?

शहीद दिवस के इस भावनात्मक मौके पर युवाओं और किसानों का जोश चरम पर है। यदि शाम तक प्रशासन और संघर्ष समिति के बीच कोई समझौता नहीं होता है, तो यह आंदोलन न केवल श्रीगंगानगर बल्कि पूरे बीकानेर संभाग में एक नई राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन सकता है। अब सबकी निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं—क्या सरकार जनता के दबाव में आकर इन टोल नाकों को बंद करने का आदेश देगी या बल प्रयोग के जरिए आंदोलन को दबाने की कोशिश होगी?

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️