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श्रीगंगानगर: अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा के बीच नशा तस्करी का बड़ा खुलासा

श्रीगंगानगर। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर, जहाँ पूरा देश देशभक्ति के रंग में रंगा हुआ था और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर थीं, वहीं राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताने की एक बड़ी कोशिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया। श्रीगंगानगर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने एक संयुक्त और त्वरित कार्रवाई करते हुए नशा तस्करी के खिलाफ एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है।

घटना का विवरण: राजियासर में नाकाबंदी और धरपकड़

26 जनवरी की सुबह, जब पुलिस बल गणतंत्र दिवस समारोहों और सुरक्षा व्यवस्था में तैनात था, जिला पुलिस अधीक्षक को एक गुप्त सूचना मिली कि नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप बीकानेर की ओर ले जाई जा रही है। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए राजियासर थाना क्षेत्र में सघन नाकाबंदी (Checking) शुरू की गई।

इसी दौरान, सूरतगढ़ की ओर से आ रही एक संदिग्ध सफेद रंग की स्कार्पियो गाड़ी को पुलिस ने रुकने का इशारा किया। चालक ने पहले तो भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर गाड़ी को रोक लिया। जब वाहन की सघन तलाशी ली गई, तो गाड़ी के गुप्त हिस्सों में छिपाकर रखी गई उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन बरामद हुई।

बरामदगी और अंतरराष्ट्रीय कीमत

पुलिस द्वारा जब्त की गई इस हेरोइन का कुल वजन लगभग 1 किलोग्राम बताया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस शुद्ध हेरोइन की कीमत करीब 5 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने न केवल नशीले पदार्थ को जब्त किया, बल्कि तस्करी में इस्तेमाल की जा रही लग्जरी गाड़ी को भी अपने कब्जे में ले लिया है।

तस्करों का प्रोफाइल और पाकिस्तान कनेक्शन

प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान बीकानेर जिले के निवासियों के रूप में हुई है। पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि नशे की यह खेप पाकिस्तान से भारतीय सीमा में दाखिल हुई थी। तस्करों ने बताया कि सीमा पार से ड्रोन या अन्य माध्यमों के जरिए यह हेरोइन पंजाब के रास्ते भारत लाई गई थी, जिसे राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई किया जाना था।

“गणतंत्र दिवस जैसे महत्वपूर्ण दिन पर जब सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी होती है, तस्करों द्वारा इस तरह का दुस्साहस करना यह दर्शाता है कि नशे का नेटवर्क कितना गहरा है। हमारी टीम की सतर्कता ने न केवल नशे की खेप पकड़ी, बल्कि सीमा पार के संपर्कों का भी पता लगाया है।” — स्थानीय पुलिस अधिकारी

ऑपरेशन ‘क्लीन’ और आगामी जांच

इस बड़ी कामयाबी के बाद श्रीगंगानगर पुलिस अब इस नेटवर्क की तह तक जाने में जुटी है। जांच के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • लोकल लिंक: श्रीगंगानगर और बीकानेर में इन तस्करों के स्थानीय संपर्क कौन हैं?

  • वित्तीय लेन-देन: इस 5 करोड़ की डील के लिए पैसा कहाँ से आया और किसे भेजा जाना था?

  • पंजाब कनेक्शन: पंजाब के वे कौन से तस्कर हैं जिन्होंने पाकिस्तान से आई इस खेप को राजस्थान के तस्करों तक पहुँचाया?

सुरक्षा एजेंसियों की चुनौतियां

श्रीगंगानगर का इलाका लंबे समय से सीमा पार से होने वाली ड्रोन तस्करी की चपेट में रहा है। गणतंत्र दिवस पर हुई यह बरामदगी इस बात का संकेत है कि सुरक्षा बलों की सख्ती के बावजूद तस्कर नए-नए रास्तों और तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उन्हें रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जा रही है।

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