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श्रीगंगानगर: अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हाई अलर्ट, ड्रोन और घुसपैठ की आशंका से सुरक्षा कड़ी

भारत-पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान के श्रीगंगानगर सेक्टर में इन दिनों सुरक्षा एजेंसियां और सीमा सुरक्षा बल (BSF) अत्यंत सतर्क मोड पर हैं। पिछले कुछ हफ्तों में सीमा पार से बढ़ती संदिग्ध गतिविधियों, विशेषकर ड्रोन के माध्यम से घुसपैठ और तस्करी के प्रयासों ने सुरक्षा बलों की चुनौती बढ़ा दी है। इसी क्रम में सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा घेरा सख्त करते हुए कई कड़े कदम उठाए गए हैं।


संदिग्ध ड्रोन की बरामदगी और तकनीकी जांच

हाल ही में श्रीगंगानगर के अनूपगढ़ और श्रीकरणपुर जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में खेतों से संदिग्ध ड्रोन बरामद किए गए हैं। बरामद किए गए ड्रोन की लंबाई लगभग 5 से 7 फीट के करीब है। हालांकि कुछ ड्रोन क्षतिग्रस्त अवस्था में मिले हैं, लेकिन उनके साथ लगे उच्च तकनीक वाले कैमरा मॉड्यूल और जीपीएस ट्रैकर सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय हैं।

BSF और स्थानीय पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या ये ड्रोन केवल निगरानी के उद्देश्य से भेजे गए थे या इनका उपयोग मादक पदार्थों (हेरोइन) और हथियारों की खेप गिराने के लिए किया गया था। विशेषज्ञों की एक टीम इन ड्रोनों के ‘फ्लाइट लॉग्स’ खंगाल रही है ताकि इनके लॉन्च पैड और सटीक रूट का पता लगाया जा सके।

सीमावर्ती गांवों में ‘ब्लैकआउट’ और रात्रि कर्फ्यू

सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने सीमा के शून्य बिंदु (जीरो लाइन) से सटे गांवों में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। घुसपैठ को रोकने और सीमा पार से आने वाले संदिग्ध संकेतों को विफल करने के लिए:

  • रात्रि कालीन निगरानी: रात के समय सीमावर्ती इलाकों में अनावश्यक आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

  • ब्लैकआउट: संवेदनशील क्षेत्रों में रात के समय विशेष ‘ब्लैकआउट’ प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है, ताकि सीमा पार बैठे असामाजिक तत्वों को भारतीय क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का अंदाजा न लग सके।

  • पहचान पत्र अनिवार्य: सीमा की ओर जाने वाले रास्तों पर नाकेबंदी बढ़ा दी गई है। बाहरी व्यक्तियों की एंट्री पर सख्त पाबंदी है और स्थानीय निवासियों को भी अपना आधार कार्ड या पहचान पत्र साथ रखने की हिदायत दी गई है।

BSF और पुलिस का संयुक्त ‘सर्च ऑपरेशन’

ड्रोन मिलने की घटनाओं के बाद BSF के जवान और राजस्थान पुलिस की विशेष टीमें सीमा से सटे गांवों, रोही (खेतों) और झाड़ियों वाले इलाकों में सघन तलाशी अभियान चला रही हैं। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कहीं ड्रोन द्वारा गिराई गई कोई संदिग्ध वस्तु या नशीले पदार्थों का पैकेट किसी तस्कर के हाथ न लग जाए।

ग्रामीणों की भूमिका और सुरक्षा संवाद

BSF के अधिकारियों ने सीमावर्ती गांवों के सरपंचों और ग्रामीणों के साथ बैठकें की हैं। ग्रामीणों को ‘सीमा के सजग प्रहरी’ के रूप में तैयार किया जा रहा है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि रात के समय आसमान में किसी भी प्रकार की गुनगुनाहट (ड्रोन की आवाज) या संदिग्ध रोशनी दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी पुलिस चौकी या BSF पोस्ट को सूचित करें।

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