
श्रीकरणपुर (श्रीगंगानगर)। राजस्थान की भौगोलिक पहचान और पर्यावरण के सुरक्षा कवच ‘अरावली पर्वतमाला’ के संरक्षण को लेकर अब सरहदी जिले श्रीगंगानगर में भी आवाज मुखर होने लगी है। मंगलवार को श्रीकरणपुर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी द्वारा ‘अरावली बचाओ’ अभियान के तहत एक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया। स्थानीय विधायक रुपिंद्र सिंह कुन्नर के नेतृत्व और दिशा-निर्देशन में निकाली गई इस यात्रा ने केंद्र और राज्य सरकार की पर्यावरण विरोधी नीतियों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।
खुशी एनक्लेव से गांधी पार्क तक भगवा और तिरंगे का रेला
पदयात्रा की शुरुआत शहर के खुशी एनक्लेव से हुई। सुबह से ही कांग्रेस कार्यकर्ता और पर्यावरण प्रेमी हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर एकत्र होने शुरू हो गए थे। तख्तियों पर “अरावली बचाओ, भविष्य बचाओ” और “अवैध खनन बंद करो” जैसे नारे लिखे हुए थे।
विधायक कुन्नर के आह्वान पर शुरू हुई यह पदयात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए गांधी पार्क पहुंचकर संपन्न हुई। रास्ते भर कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि आर्थिक लाभ के लिए प्राकृतिक संपदा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
पदयात्रा के मुख्य मुद्दे: क्यों सड़कों पर उतरी कांग्रेस?
कांग्रेस नेताओं ने इस पदयात्रा के दौरान मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर सरकार को घेरा:
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अवैध खनन पर मौन: वक्ताओं ने आरोप लगाया कि अरावली के पहाड़ी क्षेत्रों में भू-माफिया सक्रिय हैं और सरकार के संरक्षण में धड़ल्ले से अवैध खनन जारी है। इससे न केवल वन्यजीवों का आवास नष्ट हो रहा है, बल्कि भूजल स्तर भी गिर रहा है।
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केंद्र व राज्य की नीतियां: कांग्रेस का आरोप है कि वर्तमान सरकारें बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए पर्यावरण नियमों में ढील दे रही हैं, जिससे अरावली जैसी प्राचीन पर्वत श्रृंखला का अस्तित्व खतरे में है।
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मरुस्थलीकरण का खतरा: कार्यकर्ताओं ने जनता को जागरूक किया कि यदि अरावली को नहीं बचाया गया, तो थार मरुस्थल का विस्तार पूर्वी राजस्थान और उत्तर भारत की ओर तेजी से होगा, जिसका असर अंततः खेती और जलवायु पर पड़ेगा।
विधायक रुपिंद्र सिंह कुन्नर का संबोधन
गांधी पार्क में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए विधायक प्रतिनिधि और नेताओं ने कहा कि अरावली केवल पहाड़ों का समूह नहीं है, बल्कि यह राजस्थान की जीवनरेखा है। विधायक कुन्नर के संदेश को दोहराते हुए कहा गया कि कांग्रेस पार्टी सदन से लेकर सड़क तक पर्यावरण की रक्षा के लिए लड़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि श्रीकरणपुर के लोगों का इस मुद्दे पर साथ आना यह दर्शाता है कि अब जनता जागरूक हो चुकी है और वह अपनी प्राकृतिक विरासत को नष्ट नहीं होने देगी।
भारी जनसमर्थन और प्रशासन की मौजूदगी
पदयात्रा में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, अग्रिम संगठनों के कार्यकर्ता, युवा कांग्रेस और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। सुरक्षा की दृष्टि से स्थानीय पुलिस प्रशासन भी पूरी यात्रा के दौरान मुस्तैद रहा। शांतिपूर्ण ढंग से निकाली गई इस यात्रा के अंत में महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें अवैध खनन रोकने और अरावली के लिए विशेष संरक्षण नीति बनाने की मांग की गई।
निष्कर्ष
श्रीकरणपुर में आयोजित यह पदयात्रा केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति एक बड़ी सामाजिक चेतना का प्रतीक बनकर उभरी है। आने वाले दिनों में कांग्रेस इस मुद्दे को प्रदेश स्तर पर और उग्र करने की रणनीति बना रही है।