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श्रीकरणपुर में अवैध धर्मांतरण का मामला: जर्मन दंपति और स्थानीय नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई

राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर के श्रीकरणपुर क्षेत्र में गुरुवार देर रात पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध धर्मांतरण के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी अधिकारियों को सतर्क कर दिया है, क्योंकि पकड़े गए आरोपियों में दो विदेशी नागरिक (जर्मन दंपति) शामिल हैं।

घटना का विवरण: ‘प्रार्थना सभा’ की आड़ में खेल

प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रीकरणपुर कस्बे के एक निजी रिहाइशी मकान में काफी समय से संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि यहाँ ईसाई मिशनरी गतिविधियों की आड़ में गरीब और पिछड़े वर्ग के लोगों को इकट्ठा किया जा रहा है। गुरुवार की रात जब ‘प्रार्थना सभा’ अपने चरम पर थी, तब पुलिस ने अचानक छापा मारा।

मौके पर पुलिस को जर्मन नागरिक स्वेन और उनकी पत्नी सैंड्रा मिले, जो स्थानीय लोगों को संबोधित कर रहे थे। उनके साथ चार स्थानीय सहयोगी भी थे, जो अनुवादक और आयोजक की भूमिका निभा रहे थे। पुलिस ने सभी 6 लोगों को हिरासत में ले लिया और मौके से बड़ी मात्रा में धार्मिक साहित्य, लैपटॉप और कुछ संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं।

आरोप: प्रलोभन और चंगाई सभा का झांसा

स्थानीय निवासियों और प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह गिरोह मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को निशाना बना रहा था। इन लोगों को निम्नलिखित प्रलोभन देने के आरोप हैं:

  • बीमारियों का इलाज: ‘चंगाई सभा’ के नाम पर दावा किया जा रहा था कि प्रार्थना से पुरानी बीमारियां ठीक हो जाएंगी।

  • आर्थिक सहायता: धर्म परिवर्तन के बदले नकद राशि और बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने का वादा।

  • विदेशी फंडिंग: प्राथमिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि इस पूरे नेटवर्क को विदेशों से भारी फंडिंग मिल रही थी, जिसका उपयोग धर्मांतरण के लिए किया जा रहा था।

सुरक्षा एजेंसियों की चिंता: सीमावर्ती क्षेत्र और जासूसी का एंगल

श्रीकरणपुर का इलाका भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के बेहद करीब है। सीमावर्ती क्षेत्र (Border Area) होने के कारण यहाँ विदेशी नागरिकों की बिना अनुमति मौजूदगी और इस तरह की गतिविधियों को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।

  • CID और खुफिया एजेंसियां: राजस्थान पुलिस के साथ-साथ CID (Special Branch) और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या यह केवल धर्मांतरण का मामला है या इसके पीछे सीमा पार से जुड़ी कोई गहरी साजिश या जासूसी का एंगल भी है।

  • वीजा नियमों का उल्लंघन: पुलिस जांच कर रही है कि क्या इन जर्मन नागरिकों के पास ‘टूरिस्ट वीजा’ था या ‘मिशनरी वीजा’। आमतौर पर टूरिस्ट वीजा पर आने वाले विदेशी नागरिकों को किसी भी प्रकार की धार्मिक या प्रचार गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति नहीं होती।

विहिप और हिंदू संगठनों का विरोध

इस घटना की जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद (VHP) और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता थाने के बाहर जमा हो गए और नारेबाजी की। उनका आरोप है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुनियोजित तरीके से डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी) बदलने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक जाकर सख्त कार्रवाई की जाए।

निष्कर्ष और वर्तमान स्थिति

फिलहाल, पुलिस ने सभी 6 आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। विदेशी नागरिकों के पासपोर्ट और यात्रा दस्तावेजों की जांच की जा रही है। श्रीगंगानगर पुलिस अधीक्षक के अनुसार, “कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है और किसी भी अवैध गतिविधि, विशेषकर विदेशी नागरिकों की संलिप्तता वाले मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।”

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