🢀
शहादत को नमन: श्रीकरणपुर में रक्तदान के जरिए साहिबजादों को दी गई श्रद्धांजलि

श्रीगंगानगर/श्रीकरणपुर: राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर के श्रीकरणपुर कस्बे में आज मानवीय संवेदनाओं और श्रद्धा का एक अनूठा संगम देखने को मिला। अवसर था सिख इतिहास के सबसे गौरवशाली और भावुक अध्याय ‘वीर बाल दिवस’ यानी चार साहिबजादों की शहादत की स्मृति का। इस पावन अवसर पर कस्बे की अग्रणी समाजसेवी संस्था ‘हैप्पीनेस फाउंडेशन’ द्वारा सातवें विशाल रक्तदान शिविर का भव्य आयोजन किया गया।

श्रद्धांजलि का आधुनिक स्वरूप

अरोड़वंश धर्मशाला में आयोजित इस शिविर की शुरुआत गुरु चरणों में अरदास के साथ हुई। आमतौर पर लोग त्योहारों या विशेष दिनों को उत्सव के रूप में मनाते हैं, लेकिन हैप्पीनेस फाउंडेशन ने पिछले सात वर्षों से एक नई परंपरा स्थापित की है—’रक्तदान के जरिए शहादत को नमन’। संस्था का मानना है कि जिस प्रकार साहिबजादों ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, उसी प्रकार हमें भी किसी अनजान व्यक्ति की जान बचाने के लिए अपने रक्त का दान करना चाहिए।

युवाओं में दिखा भारी उत्साह

सुबह 9 बजे से ही धर्मशाला परिसर में युवाओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कड़ाके की ठंड और सुबह के कोहरे के बावजूद रक्तदाताओं के उत्साह में कोई कमी नहीं थी। शिविर में न केवल श्रीकरणपुर शहर, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

विशेष रूप से पहली बार रक्तदान करने वाले युवाओं (First-time donors) की संख्या उत्साहजनक रही। रक्तदान करने आए एक युवा ने बताया, “आज का दिन हमारे लिए बलिदान की याद दिलाने वाला दिन है। जब छोटे साहिबजादे दीवारों में चिनवाए जाने के बावजूद झुके नहीं, तो क्या हम मानवता के लिए थोड़ा सा रक्त नहीं दे सकते?”

संस्था का संदेश: ‘रक्तदान-जीवनदान’

हैप्पीनेस फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज में यह संदेश फैलाना है कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। संस्था के सदस्यों ने घर-घर जाकर और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक किया था। शिविर के दौरान चिकित्सा टीम ने रक्तदाताओं की जांच की और सुरक्षित तरीके से रक्तदान संपन्न कराया। एकत्रित किया गया रक्त जिला अस्पताल और स्थानीय ब्लड बैंकों को भेजा गया है, ताकि आपातकालीन स्थिति में जरूरतमंदों की मदद की जा सके।

सामाजिक समरसता की मिसाल

यह आयोजन केवल एक समुदाय तक सीमित नहीं रहा। शिविर में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी समुदायों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जो श्रीकरणपुर की गंगा-जमुनी तहजीब को दर्शाता है। संस्था ने सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

निष्कर्ष

श्रीकरणपुर में हैप्पीनेस फाउंडेशन का यह सातवां प्रयास न केवल चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी मदद है, बल्कि यह नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और इतिहास से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम भी है। जब समाज की संस्थाएं इस तरह के निस्वार्थ भाव से कार्य करती हैं, तो वे न केवल जीवन बचाती हैं बल्कि एक स्वस्थ और जागरूक राष्ट्र का निर्माण भी करती हैं। चार साहिबजादों का बलिदान हमें यह सिखाता है कि सत्य और मानवता के लिए किया गया कोई भी कार्य कभी व्यर्थ नहीं जाता।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️