
राजस्थान के श्रीगंगानगर शहर के विभिन्न रिहायशी इलाकों में पिछले कुछ समय से हो रही सिलसिलेवार चोरी और नकबजनी की घटनाओं पर नकेल कसते हुए स्थानीय पुलिस ने एक शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस की विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चुराए गए लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और वारदात में इस्तेमाल किए जाने वाले वाहन व औजार बरामद किए हैं।
बंद मकानों और कॉलोनियों को बनाते थे निशाना
श्रीगंगानगर के जवाहर नगर, पुरानी आबादी और कोतवाली थाना क्षेत्रों की पॉश कॉलोनियों में बीते दिनों सूने मकानों के ताले टूटने की कई घटनाएं सामने आई थीं। यह गिरोह मुख्य रूप से ऐसे मकानों की रेकी (सुरक्षा व्यवस्था का जायजा) करता था, जिनके मालिक किसी काम से बाहर गए होते थे या जहां ताले लटके मिलते थे।
आरोपी देर रात या तड़के के समय सुनसान गलियों का फायदा उठाकर बंद मकानों के ग्रिल और ताले तोड़कर अंदर दाखिल होते थे। गिरोह बेहद सफाई से अलमारी व तिजोरियों के ताले तोड़कर सिर्फ नकदी और कीमती गहनों पर हाथ साफ करता था ताकि भागने में आसानी हो।
विशेष पुलिस टीम का गठन और जांच प्रक्रिया
शहर में लगातार बढ़ रही नकबजनी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। पुलिस टीमों ने मामलों के खुलासे के लिए बहुआयामी रणनीति पर काम किया:
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CCTV फुटेज का विश्लेषण: पुलिस ने प्रभावित इलाकों और मुख्य सड़क मार्गों पर लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में संदिग्ध बाइक सवार युवकों की आवाजाही दर्ज हुई, जिससे पुलिस को अहम सुराग मिले।
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पुराने अपराधियों का रिकॉर्ड: जेल से हाल ही में छूटे संपत्ति संबंधी अपराधों के आरोपियों और नकबजनों के रिकॉर्ड खंगाले गए।
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तकनीकी व मुखबिर नेटवर्क: साइबर सेल की मदद से संदिग्ध मोबाइल नंबरों की लोकेशन ट्रैक की गई और स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय किया गया।
घेराबंदी कर दबोचे गए गिरोह के सदस्य
सटीक सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने शहर के बाहरी इलाके में घेराबंदी कर गिरोह के सदस्यों को दबोच लिया। तलाशी लेने और शुरुआती पूछताछ के दौरान आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने शहर की आधा दर्जनों से अधिक चोरी और नकबजनी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।
लाखों का माल और वाहन बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर अब तक निम्नलिखित सामग्री बरामद की है:
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सोने-चांदी के जेवरात: चुराए गए सोने के हार, अंगूठियां, चेन और चांदी के अन्य कीमती आभूषण (अनुमानित कीमत लाखों में)।
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नकदी: चोरी की गई विभिन्न वारदातों की कुल बची हुई नकदी।
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वारदात में इस्तेमाल वाहन: चोरी करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल।
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ताला तोड़ने के औजार: लोहे की कटर, सबल, मास्टर चाबियां और पेचकस।
पूछताछ में हो सकते हैं और बड़े खुलासे
경찰 (पुलिस) आरोपियों से रिमांड के दौरान गहन पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि:
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पकड़े गए आरोपी चुराए गए जेवरात को शहर के किन-किन सुनारों या दलालों को बेचते थे?
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क्या इस गिरोह के तार जिले के ग्रामीण इलाकों या पड़ोसी राज्य पंजाब/हरियाणा के आपराधिक गिरोहों से भी जुड़े हैं?
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शहर में हुई कुछ अन्य अनसुलझी नकबजनी की वारदातों में इस गिरोह की क्या भूमिका रही है?
पुलिस की नागरिकों से अपील
इस सफलता के बाद पुलिस प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपने घरों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें। यदि घर से बाहर जाना हो तो पड़ोसियों या स्थानीय पुलिस थाने को सूचित करें। साथ ही कॉलोनियों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की मौजूदगी पर तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना देने की सलाह दी गई है।