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शहर के प्रमुख पार्कों में सौंदर्यीकरण कार्य का निरीक्षण: नगर परिषद की कायाकल्प पहल

मुख्य बिंदु:

  • अधिकारियों का दौरा: नगर परिषद के वरिष्ठ अधिकारियों और तकनीकी टीम ने 7 मई को शहर के उद्यानों का जमीनी निरीक्षण किया।

  • सुखाड़िया सर्कल पर फोकस: शहर के हृदय स्थल सुखाड़िया सर्कल सहित प्रमुख पार्कों के बुनियादी ढांचे को सुधारने पर विशेष जोर।

  • प्रमुख निर्देश: नए पौधे लगाने, टूटी बेंचों को बदलने और आधुनिक लाइटिंग व्यवस्था (एलईडी) को दुरुस्त करने के कड़े निर्देश जारी।

हरित और व्यवस्थित शहर की ओर बढ़ते कदम

श्रीगंगानगर शहर को और अधिक सुंदर, हरा-भरा और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से नगर परिषद इन दिनों एक विशेष कायाकल्प अभियान चला रही है। इसी सिलसिले में 7 मई को नगर परिषद के आयुक्त, वरिष्ठ अभियंताओं (इंजीनियर्स) और स्वास्थ्य शाखा के अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय टीम ने शहर के विभिन्न प्रमुख पार्कों और सार्वजनिक स्थलों का सघन निरीक्षण किया।

इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों की गुणवत्ता को जांचना, समय-सीमा की समीक्षा करना और मौके पर आ रही तकनीकी समस्याओं का निपटारा करना था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन शहर के फेफड़ों कहे जाने वाले इन पार्कों की स्थिति को सुधारने के लिए पूरी तरह गंभीर है।

सुखाड़िया सर्कल का बदलेगा स्वरूप

निरीक्षण टीम सबसे पहले शहर के मुख्य केंद्र और नागरिकों की पसंदीदा जगह सुखाड़िया सर्कल पार्क पहुंची। सुखाड़िया सर्कल न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि बाहर से आने वाले लोगों के लिए भी आकर्षण का मुख्य केंद्र है।

निरीक्षण के दौरान निर्देश: अधिकारियों ने पाया कि पार्क के कुछ हिस्सों में हरियाली कम हो रही है और घास सूख रही है। इस पर नाराजगी जताते हुए पार्क विंग को तुरंत प्रभाव से नई और उन्नत किस्म की दूब (घास) लगाने तथा मौसमी व छायादार पौधे रोपने के निर्देश दिए गए।

इसके साथ ही, सुखाड़िया सर्कल के फाउंटेन (फव्वारे) की सफाई और उसकी तकनीकी मरम्मत को भी जल्द से जल्द पूरा करने को कहा गया ताकि शाम के समय यहां आने वाले लोगों को एक खुशनुमा माहौल मिल सके।

बुनियादी सुविधाओं और लाइटिंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान

शहर के अन्य पार्कों (जैसे नेहरू पार्क, गांधी पार्क और विभिन्न वार्डों के स्थानीय उद्यान) के निरीक्षण के दौरान टीम ने नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान निम्नलिखित महत्वपूर्ण सुधारों के निर्देश दिए गए:

  • बैठने की उत्तम व्यवस्था: पार्कों में टहलने आने वाले बुजुर्गों और बच्चों की सुविधा के लिए पुरानी व टूटी हुई बेंचों को हटाने और उनके स्थान पर नई, मजबूत कंक्रीट तथा लकड़ी की आधुनिक बेंचें स्थापित करने के आदेश दिए गए।

  • रोशनी और सुरक्षा (लाइटिंग सुधार): शाम और रात के समय पार्कों में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए बंद पड़ी लाइटों को तुरंत बदलने को कहा गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि पार्कों में ऊर्जा-बचत करने वाली आधुनिक एलईडी (LED) लाइटें और हाई-मास्ट लाइटें लगाई जाएं, जिससे रात के समय भी पार्क पूरी तरह रोशन रहें।

  • ट्रैक की मरम्मत: सुबह की सैर (मॉर्निंग वॉक) करने वाले नागरिकों के लिए बने हुए वॉकिंग ट्रैक की मरम्मत करने और जहां पक्के ब्लॉक उखड़े हुए हैं, उन्हें तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए गए।

जनभागीदारी और स्वच्छता की अपील

निरीक्षण के अंत में अधिकारियों ने पार्क विकास समितियों और स्थानीय नागरिकों से भी बातचीत की। अधिकारियों ने कहा कि नगर परिषद पार्कों का सौंदर्यीकरण तो कर देगी, लेकिन उन्हें साफ-सुथरा और सुरक्षित रखना केवल प्रशासन के भरोसे संभव नहीं है। इसमें आम जनता का सहयोग बेहद जरूरी है।

पार्कों में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक और कचरा फैलाने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने तथा जगह-जगह आधुनिक डस्टबिन (कचरा पात्र) लगाने के निर्देश भी स्वच्छता विंग को दिए गए।

भविष्य की योजना: व्यवस्थित श्रीगंगानगर

नगर परिषद की इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले कुछ ही हफ्तों में श्रीगंगानगर के पार्कों की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी। यह अभियान न केवल शहर के पर्यावरण को बेहतर बनाएगा, बल्कि बढ़ते प्रदूषण के बीच नागरिकों को शुद्ध हवा और मानसिक शांति के लिए एक बेहतरीन स्थान भी उपलब्ध कराएगा। अधिकारियों ने सख्त लहजे में कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या घटिया सामग्री का उपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और तय समय सीमा के भीतर सभी पार्कों को चमका दिया जाएगा।

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