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रेल यात्रियों को सौगात: काचीगुड़ा-श्रीगंगानगर एक्सप्रेस अब नियमित सेवा में बदली, उत्तर और दक्षिण भारत के बीच बढ़ी कनेक्टिविटी

श्रीगंगानगर। राजस्थान के सीमावर्ती और प्रमुख कृषि-व्यापारिक केंद्र श्रीगंगानगर सहित पूरे संभाग के रेल यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे की ओर से एक बेहद शानदार और बड़ी खुशखबरी आई है। उत्तर-पश्चिम रेलवे (NWR) ने क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए दक्षिण भारत को जोड़ने वाली ‘काचीगुड़ा (तेलंगाना) – श्रीगंगानगर एक्सप्रेस’ (ट्रेन संख्या 16312/16311) की सेवाओं में बड़ा विस्तार किया है।

अब तक केवल साप्ताहिक (Weekly) रूप से चलने वाली इस लोकप्रिय एक्सप्रेस ट्रेन को रेलवे बोर्ड ने नियमित सेवा (Regular Service) में बदलने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। रेलवे के इस बड़े फैसले से न केवल सीमावर्ती जिले के लोगों का सफर आसान होगा, बल्कि राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के सीमावर्ती इलाकों से दक्षिण भारत के राज्यों के बीच सीधा संपर्क और अधिक मजबूत हो जाएगा।

व्यापार, चिकित्सा और पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार

श्रीगंगानगर और आसपास का इलाका अपनी समृद्ध कृषि, किन्नू के बागों और बड़ी अनाज मंडियों के लिए पूरे देश में जाना जाता है। इस ट्रेन के नियमित होने से स्थानीय व्यापारियों को दक्षिण भारत के बड़े बाजारों, जैसे हैदराबाद और सिकंदराबाद, तक अपने उत्पाद और व्यापारिक काम के लिए आने-जाने में बेहद आसानी होगी।

इसके अलावा, यह निर्णय चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए भी एक बड़ा वरदान साबित होगा। दक्षिण भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों और विश्वस्तरीय चिकित्सालयों (हॉस्पिटल्स) में जाने वाले मरीजों और छात्रों को अब सीटों की मारामारी से मुक्ति मिलेगी। साप्ताहिक ट्रेन होने के कारण पहले इस गाड़ी में महीनों पहले ही वेटिंग लिस्ट लंबी हो जाती थी, लेकिन अब नियमित फेरे होने से यात्रियों को आसानी से और कन्फर्म टिकट मिल सकेगी।

इन प्रमुख राज्यों और स्टेशनों से होकर गुजरेगी ट्रेन

काचीगुड़ा-श्रीगंगानगर एक्सप्रेस का मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत के कई प्रमुख राज्यों और औद्योगिक शहरों को आपस में जोड़ती है। नियमित होने के बाद यह ट्रेन अपनी तय समय-सारणी के अनुसार निम्नलिखित रूट को कवर करेगी:

[मुख्य रूट]
श्रीगंगानगर ➔ हनुमानगढ़ ➔ सूरतगढ़ ➔ बीकानेर ➔ जोधपुर ➔ मारवाड़ ➔ अहमदाबाद ➔ सूरत ➔ जलगांव ➔ नांदेड़ ➔ काचीगुड़ा (हैदराबाद)

यह ट्रेन राजस्थान के मरुधरा अंचल से होते हुए गुजरात के औद्योगिक केंद्रों, महाराष्ट्र के खानदेश व मराठवाड़ा क्षेत्रों और अंत में तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद (काचीगुड़ा) तक का सफर तय करती है। इसके नियमित होने से इन सभी राज्यों में रहने वाले प्रवासी राजस्थानियों को भी अपने गृह जिले में त्योहारों और छुट्टियों पर आने-जाने के लिए एक बेहतरीन और सीधा साधन मिल गया है।

आधुनिक एलएचबी (LHB) रैक और बेहतर सुविधाएं

रेलवे अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, नियमित की गई इस ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा और आरामदायक सफर के लिए आधुनिक एलएचबी (Linke Hofmann Busch) कोच लगाए गए हैं। यह रैक पारंपरिक आईसीएफ कोचों की तुलना में काफी सुरक्षित और तेज गति से चलने में सक्षम हैं।

कोच का प्रकार मिलने वाली सुविधाएं / विशेषताएं
थर्ड एसी (3AC) और सेकंड एसी (2AC) आरामदायक बर्थ, चार्जिंग पॉइंट्स और नियंत्रित तापमान
नया एसी थ्री-टियर इकोनॉमी कम किराए में वातानुकूलित सफर का विकल्प
स्लीपर क्लास (Sleeper) बजट फ्रेंडली यात्रियों के लिए उपयुक्त
पेंट्री कार (Pantry Car) लंबी दूरी के सफर में यात्रियों के लिए ताजे भोजन और पानी की व्यवस्था

जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने जताया आभार

इस ट्रेन को नियमित कराने के लिए क्षेत्र के विभिन्न व्यापारिक संगठनों, जेडआरयूसीसी (ZRUCC) के सदस्यों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा लंबे समय से रेल मंत्रालय को पत्र लिखे जा रहे थे और व्यक्तिगत रूप से मांग उठाई जा रही थी। रेलवे द्वारा इस मांग को स्वीकार किए जाने पर श्रीगंगानगर रेल यात्री संघ, चैंबर ऑफ कॉमर्स और आम नागरिकों ने खुशी जाहिर की है।

स्टेशन पर जैसे ही इस संबंध में आधिकारिक आदेश की प्रति पहुंची, रेल प्रेमियों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा करवाकर इस सौगात का स्वागत किया। स्थानीय प्रबुद्ध जनों का कहना है कि श्रीगंगानगर जैसे सीमावर्ती छोर पर स्थित शहर के विकास के लिए इस तरह की लंबी दूरी की ट्रेनों का नियमित होना बेहद जरूरी था।

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